हाथरस के बहुचर्चित बिटिया प्रकरण में बृहस्पतिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच चारों अभियुक्तों की न्यायालय में पेशी हुई। कोर्ट में अभियुक्त पक्ष की ओर से बहस हुई। अभी यह बहस पूरी नहीं हो सकी है। कोर्ट में अब इस प्रकरण में सुनवाई के लिए 19 जनवरी की तिथि नियत की गई है।
बृहस्पतिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस चारों अभियुक्तों को न्यायालय लेकर आई। वहां विशेष न्यायालय (एससी-एसटी एक्ट) में इनकी पेशी हुई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता मुन्ना सिंह पुंढीर ने बहस की। बहस अभी पूरी नहीं हो सकी है। अब सुनवाई के लिए न्यायालय ने 19 जनवरी की तिथि नियत की है। कोर्ट में सीआरपीएफ की सुरक्षा के मध्य बिटिया का भाई भी आया।
वहीं बिटिया पक्ष की ओर से सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता सीमा कुशवाहा, स्थानीय अधिवक्ता महीपाल सिंह निमहोत्रा के अलावा सीबीआई की ओर से अधिवक्ता अनुराग मोदी भी मौजूद थे। पेशी के बाद पुलिस चारों आरोपियों को अलीगढ़ जेल ले गई। कोर्ट परिसर में भी पुलिस बल तैनात रहा।
उल्लेखनीय है कि 14 सितंबर 2020 को चंदपा क्षेत्र के गांव में अनुसूचित जाति की एक युवती के साथ गांव के ही कुछ युवकों ने दुष्कर्म किया था और उसकी हत्या का प्रयास किया था। बाद में इस युवती की दिल्ली के एक अस्पताल में मौत हो गई थी। इस युवती की मौत से पहले ही पुलिस ने चारों अभियुक्तों संदीप, रवि, रामू और लवकुश को गिरफ्तार कर लिया था।
यह मामला काफी सुर्खियो में रहा था और विपक्षी दलों ने योगी सरकार को निशाने पर ले लिया था। इस मामले में सीबीआई ने जांच की थी और चारों अभियुक्तों के खिलाफ कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया था। यह चारों अभियुक्त गिरफ्तारी के बाद से ही अलीगढ़ जेल में निरुद्ध हैं।