हाथरस के जिला महिला अस्पताल की एनस्थीसियोलॉजिस्ट करीब एक साल से बिना सूचना के गैर हाजिर है। सिजेरियन डिलीवरी के लिए निजी चिकित्सक को बुलाना पड़ता है। इससे विभाग पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ता है। इसकी वजह से अस्पताल में रात में सिजेरियन नहीं हो पाती है। इससे गर्भवती महिलाओं को निजी अस्पतालों में प्रसव करानी पड़ती है।
जिला महिला अस्पताल में चिकित्सकों और संसाधनों की काफी कमी है। इमरजेंसी से लेकर ओपीडी सेवाएं एक मात्र महिला चिकित्सक के हवाले रहती हैं। इससे अस्पताल में उपचार कराने आने वाली महिला मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
अस्पताल की निश्चेतक करीब एक साल से गैर हाजिर है। सिजेरियन डिलीवरी करने के लिए मरीज को बेहोश करने की जरूरत पड़ती है। ऐसे में निजी निश्चेतक को अस्पताल बुलाना पड़ता है। इससे स्वास्थ्य विभाग पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ता है। रात को कोई निजी चिकित्सक नहीं आता है। परिणामस्वरूप अस्पताल में रात को कोई सिजेरियन डिलीवरी नहीं हो पाती है।
अस्पताल की एनस्थीसियोलॉजिस्ट बिना सूचना एक साल से गैर हाजिर है। जब भी सिजेरियन डिलीवरी करनी होती है तो निजी एनस्थीसियोलॉजिस्ट बुलाना पड़ता है। इससे विभाग पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ता है। वे भी रात में अस्पताल आने से मना कर देते हैं।
- डॉ. शैली सिंह, सीएमएस जिला महिला अस्पताल हाथरस