कलेक्ट्रेट सभागार में कृषि एवं सहकारिता विभाग के अधिकारियों, जनपद के समस्त थोक उर्वरक विक्रेताओं एवं उर्वरक प्रदाता कम्पनी प्रतिनिधियों के साथ डीएम अर्चना वर्मा ने समीक्षा की। डीएम ने किसानों को निर्धारित दरों पर उनकी जोत के अनुसार संस्तुत मात्रा में उर्वरक की उपलब्धता कराने के निर्देश दिए। जमाखोरी, कालाबाजारी, निर्धारित दर से अधिक दरों पर बिक्री तथा अन्य उत्पादों की टैगिंग पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए।
डीएम ने उर्वरक कंपनियों एवं थोक उर्वरक विक्रेताओं को निर्देश दिए गए कि उर्वरकों के साथ अन्य उत्पादकों की टैगिंग न की जाए। जिन उर्वरक विक्रेताओं के पास स्टॉक, वितरण रजिस्टर, पोस मशीन, स्टॉक बोर्ड, फर्म का नाम अपडेट है, उन्ही को उर्वरकों की आपूर्ति की जाए। उर्वरकों का वितरण कृषक की जोत के अनुसार खतौनी, आधार कार्ड संरक्षित रखते हुए पोस मशीन के माध्यम से निर्धारित दरों पर वितरण किए जाने तथा जमा खोरी व काला बाजारी करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जनपद में 500 नई पोस मशीन वितरण के सापेक्ष 100 पॉश मशीन प्राप्त हुई हैं।