हाथरस। मिलावटखोरों और नक्कालों की जड़ें कितनी मजबूत हैं इसकी बानगी हाथरस में देखने को मिली है। हद की बात तो यह है कि ड्रग विभाग द्वारा एक साल पहले पकड़े गए प्रतिबंधित ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन के नमूने भी जांच में फेल आए हैं। यही नहीं, इन इंजेक्शनों पर फर्जी कंपनी का लेबल लगा था। उस समय विभाग ने सादाबाद गेट स्थित परचून की दुकान के मालिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अब दुकानदार के खिलाफ ड्रग अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी। गौर हो कि ड्रग विभाग के डीआई ने 23 जून, 2011 को शहर के सादाबाद गेट पर छापामार कार्रवाई कर एक परचून की दुकान से ऑक्सीटोसिन के इंजेक्शन का जखीरा बरामद किया था। वैसे ही इस इंजेक्शन की बिक्री प्रतिबंधित है। डीआई ने इस मामले में दुकानदार के खिलाफ हाथरस कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसी दौरान ड्रग विभाग ने इन इंजेक्शनों को जांच के लिए लखनऊ स्थित प्रयोगशाला भेज दिया था। एक साल बाद लखनऊ स्थि जांच में अब वहां से इन प्रतिबंधित इंजेक्शन की रिपोर्ट भी फेल आई है। इनमें बाहरी कण पाए गए हैं। डीआई मनुशंकर का कहना है कि अब इस दुकानदार के खिलाफ औषधि अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।