हाथरस। सुख-समृद्धि और रोशनी का प्रतीक दिवाली पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस दिन लोगों ने माता लक्ष्मी व भगवान गणेश की विधिविधान पूर्वक पूजा-अर्चना की और माता लक्ष्मी के स्वागत के लिए घर, आंगन को दुल्हन की भांति सजाया। विद्युत झालरों और आर्टिफिशियल फूलों से की गई सजावट के बीच पूरी रात शहर सतरंगी रोशनी में नहाया रहा। आधी रात तक आतिशबाजी का धूमधड़ाका भी होता रहा। दिवाली पर्व को लेकर लोगों में सुबह से काफी उत्साह था। सुबह से ही घरों में पूजा अर्चना का दौर शुरू हो गया। सबसे पहले घरों में श्रीराम भक्त हनुमान जी का पूजन कर अज्ञारी की गई और पूड़ी, पकवानों व मिठाईयों से उनका भोग लगाया गया। घर-घर में प्रसादी का वितरण किया गया। दोपहर में लोगों ने पारंपरिक ढंग से घरों की लिपाई पुताई की और दरवाजों पर रंगोली, आम व अशोक के हरे पत्तों व फूलों के बंदनवार सजाए। शाम होते ही घर, व्यापारिक प्रतिष्ठान आदि सभी आकर्षक विद्युत झालरों से जगमगा उठे। तदुपरांत, पूजन की शुभ बेला में लोगों ने नए कपड़े पहनकर एश्वर्य व वैभव की देवी महालक्ष्मी व भगवान गणेश का पूजन किया। लोगों ने मां को खील बतासे, मिठाई, फल आदि का भोग लगाया और सुख समृद्धि की कामना की। महालक्ष्मी के स्वागत में दरवाजों व छतों की मुंडेरों को दीपक व मोमबत्ती से रोशन किया गया। दिवाली पर पूरा शहर दुल्हन की भांति सजा हुआ था। विद्युत झालरों की सतरंगी रोशनी से चारों दिशाएं जगमग हो रही थीं। व्यापारी और कारोबारियों ने भी अपने प्रतिष्ठानों पहुंच माता लक्ष्मी की विधि विधान पूर्वक पूजा अर्चना की।