हाथरस। चार साल की मासूम बच्ची की हत्या का मामला दो जिलों के बीच उलझा रहा। हत्यारों की पकड़ की बात तो दूर रही, पुलिस ने तीन सप्ताह बाद इस मामले में रिपोर्ट दर्ज की है। थाना हाथरस जंक्शन क्षेत्रांतर्गत मेंडू के निकट चार साल की एक बच्ची का शव 16 सितंबर को मिला था। उस समय उसकी शिनाख्त नहीं हुई थी तो पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव को अलीगढ़ भेज दिया था। अलीगढ़ में इस बच्ची की शिनाख्त चार वर्षीय हेमा पुत्री पवन उर्फ पप्पन निवासी नगला मसानी थाना देहली गेट अलीगढ़ के रूप में उसके परिजनों ने की। वहां यह बात सामने आई कि बच्ची का अपहरण कर उसकी हत्या कर शव को खेत में फेंका गया है। बस, तभी से मामला उलझ गया। बच्ची चूंकि अलीगढ़ से गायब हुई थी, इसलिए यहां की पुलिस का यह तर्क था कि रिपोर्ट वहां दर्ज होगी, जबकि वहां की पुलिस का यह कहना था कि शव चूंकि हाथरस में मिला है, इसलिए रिपोर्ट यहां दर्ज होगी। परिजन चक्कर लगाते रहे। मामला अब जब उच्चाधिकारियों पर पहुंचा, तब तीन सप्ताह बाद इस मासूम बच्ची के अपहरण और हत्या की रिपोर्ट अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज की गई है।