हाथरस। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय आनंदपुरी कॉलोनी में विश्व जल दिवस की पूर्व संध्या पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। केंद्र प्रभारी बीके शांता ने कहा कि पृथ्वी पर 70 प्रतिशत जल की मात्रा होती है। मनुष्य के शरीर का भी 70 प्रतिशत भाग जल ही होता है। आत्मा की अभिव्यक्ति के माध्यम हैं पांच तत्व। यदि पांच तत्वों का संतुलन बिगड़ता है तो शरीर के तत्वों का संतुलन भी बिगड़ जाता है। शरीर के जल तत्व का संतुलन कायम रखकर जल चिकित्सा द्वारा भी रोगों का उपचार करने की पद्धति अपनाई जाती है। उन्होंने कहा कि जल के उपयोग के बाद उसके प्रबंधन के लिए प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा शांति भवन कांपलेक्स, जहां 25 हजार लोगों के ठहरने की व्यवस्था है। ज्ञान सरोवर अकादमी में सीवेज वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, जहां पूरे परिसर में उपयोग में लाए हुए जल को साफ करके खेती और बगीचे की सिंचाई में प्रयोग में लाया जाता है। बचे हुए वेस्ट को खाद के रूप में खेती और बगीचों में उपयोग लाते हैं।