सासनी। क्षेत्र के ग्राम लढ़ौता में शुक्रवार की सुबह परिजनों की डांट से क्षुब्ध होकर एक किशोरी ने मिट्टी का तेल डालकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। जानकारी होने पर ग्रामीणों की भीड़ घटनास्थल पर जमा हो गई। परिजनों ने आनन-फानन शव को दफना दिया। ग्राम लढ़ौता में एक व्यक्ति ने अपनी पुत्री को नसीहत क्या दी। पुत्री का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया और उसका आक्रोश शांत नहीं हुआ। उसने अपनी जीवन लीला को समाप्त करने का ही निर्णय ले लिया। डांट के बाद पिता काम करने के लिए घर से चले गए। मां मकान के ऊपर छत पर खाना पकाने लग गई। इसी मध्य किशोरी ने घर में रखे मिट्टी के तेल की कट्टी अपने ऊपर उडे़ल ली और माचिस से आग लगा ली। ग्रामीणों के अनुसार आग लगने के बाद भी किशोरी ने शोर नहीं मचाया और न चीखी-चिल्लाई। घर से धुआं उठता देख पड़ोसियों ने सोचा कि चूल्हे में आग जलने के कारण निकल रहा है। काफी देर बाद भी धुआं बंद नहीं हुआ तो संदेह पैदा होने लगा। झांककर देखा तो लोगों की चीख निकल गई। घटना की खबर सुनकर ग्रामीणों का तांता लग गया। परिजनों ने ग्रामीणों के सहयोग से आग वाली जगह को कुरेदकर देखा, तब तक किशोरी के प्राण पखेरू उड़ चुके थे। परिवार में करुण-क्रंदन शुरू हो गया। परिजनों ने आनन-फानन शव को दफना दिया। पुलिस ने घटना से अनभिज्ञता जाहिर की है।