राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत अगामी वित्तीय वर्ष में जिले की 30 हजार महिलाओं को स्वरोजगार के लिए तैयार किए जाने को लेकर खाका खींचा जा रहा है। इन महिलाओं को निर्माण ईकाइयों के साथ अन्य कामों से जोड़कर रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।
शासन की ओर से जिले में राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत 3,300 स्वयं सहायता समूह बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। स्वयं सहायता समूह में शामिल महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण भी टीमों द्वारा दिला दिया गया है।
अगामी वित्तीय वर्ष में इन स्वयं सहायता समूहों के जरिए करीब ग्रामीण क्षेत्रों की 30 हजार महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इस कार्ययोजना के तहत कई सामानों की निर्माण ईकाई शुरू करने के लिए खाका खींचा जा रहा है।
इस निर्माण ईकाई के शुरू करने के लिए बैंकों से ऋण उपलब्ध भी कराया जाएगा, जिससे कि निर्माण ईकाई शुरू होने में किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो।
वर्तमान में कई स्वयं सहायता समूह कैंटीन, गोबर से लकड़ी बनाने, बैंकिंग सेवा सहित अन्य कार्य कर रही हैं। जिला प्रबंधक रंजन कुमार ने बताया कि शासन के निर्देश के क्रम में अगामी वित्तीय वर्ष की कार्य योजना तैयार की जा रही है।