जिले की सड़कों पर 15 साल की अवधि पूरी कर चुके वाहनों की अब जल्द छुट्टी होगी। इन वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग द्वारा अभियान चलाया जाएगा। इनकी सूची तैयार हो गई है। अगर यह वाहन सड़क पर चलते मिलते हैं तो इन्हें पकड़कर बंद कराया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि हाथरस शहर और आसपास का काफी इलाका ताज ट्रिपेजियम जोन (टीटीजेड) में आता है। यहां 15 साल की अवधि पूरी कर चुके वाहनों के संचालन की मनाही है। यह वाहन धुआं उगलने के साथ प्रदूषण को बढ़ावा दे रहे हैं। पूर्व में 24 हजार वाहनों को हटाया गया था।
अब फिर से पुराने वाहनों पर लगाम लगाने की कोशिश शुरू हो गई है। वाहन स्वामियों को कार्यालय आकर कागजों में खत्म कराने के लिए कहा गया है। इसके बावजूद वाहन स्वामियों द्वारा मनमानी की जा रही है। अब एआरटीओ कार्यालय की ओर से मार्च माह में 15 साल की अवधि पूरी कर चुके 20 हजार वाहनों की धर-पकड़ की जाएगी। संवाद
बाहर से आने वाले 10 साल पुराने वाहन का पंजीकरण नहीं
यदि कोई व्यक्ति 10 साल की अवधि पूरी कर चुके वाहन को अन्य जिले से खरीदकर लाता है तो उस वाहन को एआरआरटीओ कार्यालय में पंजीकृत नहीं किया जाता है। जिले में जो वाहन 15 साल की अवधि पूरी चुके हैं, उनको हटाया जाएगा।
यदि वाहन हांफा तो नहीं होगी फिटनेस
जिले की सड़कों पर वर्तमान में ढाई लाख से अधिक वाहन चल रहे हैं। नियत अवधि में वाहनों की फिटनेस की जाती है। अब वाहन की फिटनेस एआरटीओ कार्यालय में बने ट्रैक पर होती है। यदि आपका वाहन हांफ गया तो उसकी फिटनेस नहीं होगी। प्रदूषण की जांच के जिले में आठ प्रदूषण केंद्र बने हुए हैं। एआरटीओ प्रशासन नीतू सिंह का कहना है कि जो वाहन 15 साल की अवधि पूरी कर चुके हैं, उनके स्वामियों को नोटिस भेजे जा रहे हैं। ऐसे वाहनों पर लगाम लगाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।