सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए अब तक 1400 किसानों ने पंजीकरण कराया है। पंजीकरण के लिए लगातार खाद्य रसद विभाग किसानों से संपर्क कर रहा है। अब तक जिले के सरकारी क्रय केंद्रों पर महज 71 क्विंटल गेहूं की खरीद ही हो सकी है।
जिले के किसान रबी के सीजन में प्रमुख रूप से आलू और गेहूं की खेती करते हैं। इस बार करीब 80 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं की बुवाई हुई थी। इस समय गेहूं की फसल की कटाई चल रही है। मंडी में गेहूं पहुंचने लगा है। सरकार ने इस साल गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2275 रुपये निर्धारित किया है। जिले में गेहूं खरीद के लिए 77 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इन पर खरीद शुरू हो चुकी है।
हालांकि अभी इन केंद्रों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। खाद्य रसद विभाग खरीद में तेजी लाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। खाद्य विपणन अधिकारी शिशिर कुमार ने बताया कि जिले में 77 केंद्रों पर गेहूं की खरीद चल रही है। अभी तक महज 71 क्विंटल गेहूं की ही खरीद हो पाई है। फसल की कटाई तेज होने पर खरीद में तेजी आ सकेगी।