इस विपदा से वह लोग ज्यादा परेशान हैं, जिन्होंने अन्य किसानों को पैसा देकर उनका खेत लिया है। उन्होंने तो पूरे साल का पैसा खेत के स्वामी को दे दिया, लेकिन उनकी मेहनत की कमाई नहर के पानी में बह गई। नहर के पानी से शिवनंदन, दुष्यंत सिंह, सुखवीर सिंह, विक्रम सिंह, राधाचरण, सोमवीर बघेल, मुकेश, उदयवीर सिंह, गजेंद्र सिंह की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई।ल की थी ।
जेसीबी भी कार्य करते समय नहर में फंसी
रसगवां में नहर की पटरी की मरम्मत के लिए पहुंची जेसीबी नहर के पानी के अंदर बनी दलदल में बुरी तरह फंस गई। काफी मशक्कत के बाद जेसीबी को नहर के मध्य से निकाला गया। समाचार लिखे जाने तक नहर की पटरी की मरम्मत नहीं हो पाई थी। सिंचाई विभाग के अधिकारी नहर के पानी खत्म होने का इंतजार कर रहे है। नहर विभाग के अधिकारी सुबह आठ बजे के लगभग मौके पर पहुंच गए थे।
प्रशासनिक अधिकारी नहीं पहुंचे मौके पर
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि जगवीर सिंह एडवोकेट ने बताया कि उन्होंने सुबह लगभग साढ़े चार बजे क्षेत्रीय लेखपाल एवं सिंचाई विभाग को नहर की पटरी कटने की सूचना दे दी थी। विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी आठ बजे पहुंचे। राजस्व विभाग से महज लेखपाल मौके पर आए।
नहर की पटरी किस प्रकार कटी, इसकी जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए उच्चाधिकारियों के लिखा जाएगा। -प्रशांत कुमार, सहायक अभियंता सिंचाई