विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) चित्रा शर्मा के न्यायालय ने पांच वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के दोषी को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर उसे अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना सहपऊ क्षेत्र के एक निवासी व्यक्ति ने थाने में तहरीर दी। तहरीर में उसने कहा कि 16 अगस्त 2017 को उसकी पांच वर्षीय बेटी चबूतरे पर खेल रही थी। तभी एक युवक बेटी को लालच देकर उठाकर ले गया। वह उसके साथ गलत नीयत से दुष्कर्म करने का प्रयास कर रहा था। उसे हमने मौके से पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।
थाना सहपऊ में मुकदमा दर्ज हुआ। विवेचक ने विवेचना करते हुए न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल कर दिया। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट चित्रा शर्मा के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के उपरांत अभियुक्त योगेश को दोषी माना। न्यायालय ने उसे 10 वर्ष के कठोर कारावास एवं पच्चीस हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी एडीजीसी केशव देव माहौर ने की। संवाद