ोटो-39- जिला उद्योग केंद्र कार्यालय
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हरदोई। रोजगार के लिए कर्ज देने में बैंकों की बेरुखी से युवाओं के सपने टूट रहे हैं। आवेदन के बाद युवाओं को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। इस कारण एक जिला एक उत्पाद, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार जैसी योजनाएं युवाओं के लिए लाभदायक साबित नहीं हो पा रही हैं।
एक जिला एक उत्पाद योजना में सिर्फ 26 को ऋण देने का लक्ष्य रखा गया। इनके ऋण जिला उद्योग केंद्र ने स्वीकृत कर दिए, लेकिन बैंकों ने अभी तक 10 को ऋण वितरण नहीं किया है। जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक भी मानते हैं कि 10 लोग ऋण के लिए इंतजार कर रहे हैं क्योंकि आवेदन बैंकों में लंबित हैं। कागजी प्रक्रिया पूरी होनी है।
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में अभी तक 105 के लक्ष्य के सापेक्ष आवेदन मंजूर नहीं हुए। अप्रैल से सितंबर तक सिर्फ 33 युवाओं के ऋण मंजूर किए गए। इसमें से 16 को ऋण दे दिया गया। अभी 17 युवाओं को ऋण मिलने का इंतजार है। उनकी फाइलें प्रक्रिया मेें फंसी हैं। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना में 85 के लक्ष्य के सापेक्ष 76 आवेदन मंजूर हुए हैं। इसमें से 58 को बैंकों ने ऋण दिया। बाकी आवेदक इंतजार कर रहे हैं। सरकारी कर्ज योजनाओं का भी हाल खराब है। कई युवा ऐसे हैं जिनके सपने इंतजार करते करते टूट रहे हैं।
यदि पात्र व्यक्ति को कर्ज मिलने में दिक्कत आ रही है तो उनके कार्यालय को अवगत कराएं। नियमानुुसार कार्रवाई कराई जाएगी।
जेपी सिंह, एलडीएम
जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से सभी योजनाओं में व्यापक प्रचार प्रसार कराया गया। आवेदन लेने के बाद ऋण मंजूर किए गए हैं। अगर किसी स्तर पर बैंक में आवेदन लंबित है तो आवेदक संपर्क करें, समस्या का समाधान कराएंगे।
-सुनील त्रिपाठी, उपायुक्त, जिला उद्योग केंद्र