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हर क्षेत्र में महिलाओं ने बनाई अलग पहचान

Mon, 07 Mar 2016 11:43 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/हरदोई
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अपने परिवार के भरण पोषण के लिए मजदूरी करती एक महिला। - फोटो : अमर उजाला
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हरदोई। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस आठ मार्च को मनाया जाता है। महिलाओं को बराबरी का दर्जा देने की बातें होती हैं, पर महिलाओं की संख्या पुरुषों के बराबर करने का कोई नाम नहीं लेता। ऊपरी तौर पर लंबे अरसे से कन्याभ्रूण हत्या के विरुद्ध जन जागरूकता के नाम पर हर साल करोड़ों रुपये खर्च हो रहे हैं।
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जिले में कई संगठन, स्कूल कालेजों आदि में कार्यक्रम व प्रतियोगिताएं आयोजित कराई जाती हैं। लेकिन बुद्धिजीवी महिलाओं का कहना है कि महिला दिवस को तभी सार्थक माना जाएगा जब महिलाएं अपने आप को मानसिक रूप से स्वतंत्र समझ सकें। जब उन्हें कोई प्रताड़ित न करे। जहां उन्हें दहेज के लालच में जिंदा न जलाया जाए।

कन्या भ्रूण हत्या न की जाए। दुष्कर्म की घटनाएं न हों। तब कहीं जाकर कहा जा सकता है कि महिलाओं का देश में सम्मान है और उन्हें वह गौरव व जीने का हक मिल रहा है जो उन्हें मिलना चाहिए। बुद्धिजीवियों का कहना है कि जिले में प्रेरणास्रोत महिलाओं की कोई कमी नहीं है। लगभग हर क्षेत्र में जिले की महिलाएं अपना नाम कमा चुकी हैं और अपने साथ साथ जिले का भी गौरव बढ़ा चुकी हैं। वहीं आज भी कई महिलाओं अपना और बच्चों का पेज भरने के लिए मजदूरी करने को विवश हैं। वे सर पर तसला रखकर मिट्टी ढो रही हैं।
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महिलाएं समझती हैं अपना दायित्व
जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी संभालकर जिले की प्रथम नागरिक बनने का सौभाग्य अर्जित करने वाली मीरा ने कहा कि महिला अपने दायित्वों को बखूबी समझती हैं। जैसा कि वह भी समझ चुकी हैं और उनका निर्वहन पूरी कर्तव्य निष्ठा से करने का प्रयास भी कर रही हैं।

महिला होने पर गर्व है
नगर पालिका अध्यक्ष मीना अग्रवाल का कहना है कि महिला होने के नाम पर जो अपने आप को हीन या अबला समझती हैं, वह गलत समझती हैं। महिला एक शक्ति है। उन्हें खुद के महिला होने पर गर्व है। महिलाओं को अपने अधिकारों का संरक्षण स्वयं करना होगा तभी वह और सशक्त हो सकेगी।

 परिवार जोड़ने के साथ ही समाजसेवा भी
पति उपेंद्र तिवारी के स्वर्गवास के बाद विधायक रजनी तिवारी ने परिवार को जोड़ने के साथ ही सवायजपुर बिलग्राम से विधायक बन लोगों की सेवा की। रविवार को लोकसभा में महिला सशक्तीकरण पर विधायक रजनी तिवारी ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि महिला तो पहले से ही सशक्त है उसे राष्ट्र को अब सशक्त करना है।

राजनैतिक क्षेत्र में ऊषा भी हैं मिसाल
हरदोई संसदीय सीट से दो बार सांसद रहने वाली ऊषा वर्मा भी जिले की महिलाओं के लिए किसी प्रेरणा स्रोत से कम नहीं हैं। अपने परिवार की राजनीति को अकेले अपने बूते आगे ले जाने वाली ऊषा का कहना है कि महिलाएं अपने आप को किसी तरह भी कमजोर न समझें। क्योंकि हर क्षेत्र में महिलाएं अग्रणी की भूमिका निभा रही हैं। बस एक दृढ़ संकल्प की जरूरत है।

महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गईं पूनम
वेटलिफ्टिंग में एक गोल्ड व दो शील्ड जीतकर साउथ कोरिया तक धमक बनाने वाली पूनम तिवारी ने अपना व अपने जिले का नाम रोशन किया। 2001 में साउथ कोरिया में उन्होंने गोल्ड मेडल जीता। दो सिल्वर जीते। पावर लिफ्टिंग में चार बार वह नेशनल चैंपियन रहीं।

प्रेरणा से कम नहीं सीओ नवीना
कानून व्यवस्था की बागडोर संभालने वाली महिला सीओ नवीना शुक्ला की कार्यशैली देखकर महिलाएं भी आगे बढ़ने के लिए जागरूक हुई हैं। सीओ का कहना है कि कठिन परिश्रम व लगन से सब कुछ हासिल किया जा सकता है। महिलाएं अपने पैरों पर अवश्य खड़ी हों और कुछ कर गुजरने का जज्बा जरूर रखें।

महिलाओं पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं - एसओ
महिला एसओ नमिता सिंह का कहना है कि महिलाओं पर उत्पीड़न रोकने के लिए कई सेवाओं को शुरू किया गया है। टोल फ्री नंबर 1090 की शुरूआत हो चुकी है जिसमें शिकायत कर महिलाएं अपने नाम व पते को गुप्त रखकर कार्रवाई को भी सुनिश्चित कर सकती हैं।


इंसेट
क्या है घरेलू हिंसा अधिनियम
हरदोई। अधिवक्ता प्रतिमा मिश्रा ने बताया कि घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 में बना 26 अक्तूबर 2006 में इसे लागू कर दिया गया। यह अधिनियम महिला बाल विकास द्वारा ही संचालित किया जाता हे। घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत न्यायालय में महिलाओं को अपशब्द कहे जाने, रोकटोक करने, मारपीट करने, प्रताड़ित करने पर घरेलू अधिनियम में कोई भी महिला वयस्क पुरुष को अभियोजित कर सकती है।

इंसेट
लीसिसट्राटा नाम की महिला को दिवस का माना जाता है जनक
प्राचीन ग्रीस में लीसिसट्राटा नाम की एक महिला को महिला दिवस की जनक कहा जा सकता है। बताया जाता है कि फ्रेंच क्रांति के दौरान युद्ध समाप्ति की मांग इन्होंने एक आंदोलन के जरिए रखी थी। फारसी महिलाओं के एक समूह ने वरसेल्स में इस दिन एक मार्च निकाला। 1909 में अमेरिका में सोशलिस्ट पार्टी द्वारा पहली बार महिला दिवस मनाया गया।
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