शाहाबाद (हरदोई)। शाहजहांपुर के निजी अस्पताल की संचालिका डॉक्टर का शव उसी के अस्पताल में बुधवार देर रात फंदे पर लटका मिला। पति ने पुलिस को दी तहरीर में अस्पताल के पार्टनर और उसके दो साथियों के ऊपर पत्नी की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या करने शव को लटकाने का आरोप लगाया है। पति का कहना है कि अस्पताल में उसके आने-जाने पर पाबंदी लगा रखी गई थी।
शाहाबाद कोतवाली के परियल गांव निवासी मुलायम सक्सेना की पत्नी डाॅ. रुचि सक्सेना (27) शाहजहांपुर के कांट कस्बे में अकर्रा रसूलपुर निवासी सोनू वर्मा के पार्टनरशिप में हॉस्पिटल एवं मेटरनिटी सेंटर खोला था। बुधवार रात उसका शव अस्पताल में फंदे से लटका मिला। अस्पताल संचालिका की मौत पर पुलिस की पूछताछ में उसके पार्टनर सोनू ने बताया कि रात के करीब 11 बजे वह घर चला गया था। देर रात करीब एक बजे उसने रुचि को फोन किया तो उसने उलझन और घबराहट होने की शिकायत कही। इसके बाद उन्होंने अस्पताल के स्टाफ को फोन लगाया तो पता चला कि रुचि केबिन नहीं खोल रहीं।
सोनू अस्पताल पहुंचे, जहां रुचि का केबिन अंदर से बंद था। काफी देर बाद जब दरवाजा खोला तो अंदर पंखे से लगे दुपट्टे के सहारे रुचि लटक रही थीं। उस वक्त रुचि की सांस चल रही थी। फंदे से उतार कर ऑक्सीजन दी, लेकिन कुछ देर बाद रुचि ने दम तोड़ दिया।
उधर, संचालिका के पति मुलायम सक्सेना ने बताया कि उसकी शादी चार साल पहले हुई थी। उसकी पत्नी रुचि और सोनू ने पार्टनरशिप में अस्पताल खोला, लेकिन वहां आने-जाने में उसके ऊपर पाबंदी लगा दी थी। मुलायम ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया है कि पार्टनर सोनू उर्फ माया प्रकाश वर्मा ने दो साथी विद्यासागर और पंकज के साथ मिलकर रुचि की पीट-पीटकर हत्या की और उसके बाद शव को लटका दिया।
कोतवाल हेमंत पांडे का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।