हरदोई। यह मानव जीवन भोग के लिए नहीं है। जहां श्याम है वहां काम, क्रोध नहीं रहता और जहां काम है वहां कभी परमात्मा नहीं रहता है।
शहर के विष्णुपुरी मोहल्ले में श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन सोमवार को अमृत वर्षा करते संत स्वामी अक्षयानंद महाराज ने उक्त बात कही। उन्होंने कहा कि भगवान को पाने के लिए व्यक्ति को अभिमान का त्याग करना पड़ेगा। जब गोपियों को अभिमान हो गया तब भगवान अंतर्ध्यान हो गए। इसलिए कभी अहम नहीं करना चाहिए। यह पृथ्वी किसी के साथ नहीं गई सब कुछ छोड़कर व्यक्ति को जाना पड़ता है। इसलिए ईश्वर से प्रेम करो। आचार्य ने कहा कि कथा कहने और सुनने वाला पाप दोष से मुक्त हो जाता है। इस दौरान ईश्वर चंद्र मिश्रा, पवन मिश्रा, प्रकाश मिश्रा, स्पर्श, केशव, पियूष, देवेंद्र, भुवनेश बाजपेई, जलज बाजपेई आदि मौजूद रहे।