जहां रखी थी इंदिरा ने कताई मिल की नींव, वहां अब बनेगा टेक्सटाइल पार्क
- 20 साल से बंद कताई मिल को चालू कराने की हो रही थी मांग
- यूपी कैबिनेट की बैठक में लगी मोहर
नवनीत द्घिवेदी
हरदोई। जिले के संडीला औद्योगिक क्षेत्र में करीब 50 साल पहले तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कताई मिल की नींव रखकर यूपी में उद्योगों को नई राह दिखाई थी। इसी क्षेत्र में अब टेक्सटाइल पार्क बनने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। मंगलवार को यूपी सरकार की कैबिनेट बैठक में इस पार्क को स्वीकृति दे दी गई है। करीब एक हजार एकड़ भूमि पर प्रस्तावित इस पार्क की इमारत बुलंद होने के साथ ही जिले के लोगों की तकदीर भी बुलंद होगी। इससे आने वाले समय में औद्योगिक विकास और रोजगार की एक नई तस्वीर सामने होगी।
औद्योगिक क्षेत्र में सबसे पहले बड़ी मिल के रूप में 1970 के दशक में कताई मिल की नींव रखी गई थी। करीब 55 एकड़ क्षेत्र में उस समय बनी इस मिल में बनने वाला धागा विदेश तक कपड़ा बनाने के काम आता था। लगभग 50 हजार तकुओं और 1500 श्रमिकों के साथ उस समय शुरू हुई इस मिल ने मांग के अनुरूप उत्पादन बढ़ाया, तो श्रमिकों की संख्या पांच हजार तक पहुंची। इस मिल ने उच्च क्वालिटी के सूत की बदौलत देश-विदेश में जिले को पहचान मिली। प्रबंधन की खामियों के चलते कताई मिल में 1998 में उत्पादन बंद हो गया और 2001 में सरकार ने मिल बंदी की घोषणा कर दी थी। इसके बाद से यह मिल जमींदोज होने की कगार पर है।
यूपी और केंद्र सरकार ने अब इसी जमीन पर कपड़ा उद्योग को नई उड़ान देने के लिए टेक्सटाइल पार्क निर्माण की घोषणा की है। कैबिनेट की बैठक के बाद इसकी स्वीकृति से उद्यमियों में खुशी की लहर है। उद्यमी राकेश अग्रवाल, सजीव अग्रवाल, समीर, सुमित ने बताया कि टेक्सटाइल पार्क बनने से जिले में रोजगार के बड़े अवसरों का सृजन होने के साथ कपड़ा उद्योग को बड़ी रफ्तार मिलेगी।
यूपी का पहला टेक्सटाइल पार्क
यह पार्क लगभग 1000 एकड़ भूमि पर बनेगा। लखनऊ-हरदोई बीच संडीला औद्योगिक क्षेत्र में वस्त्रोद्योग से जुड़े सारे काम व सुविधाएं एक स्थान पर मुहैया होने से राजधानी लखनऊ के साथ हरदोई और आस पास के जिलों को लाभ मिलेगा। बताया जाता है कि पीएम मित्र योजना के तहत देश भर में इस तरह के सात मेगा पार्क बनने हैं। इससे एक ही स्थान पर कताई, बुनाई, रंगाई और छपाई से लेकर वस्त्र परिधान निर्माण का काम होगा। इसके साथ ही विपणन, बाजार आदि की व्यवस्था होती हैं। इस पार्क के पूरी तरह से विकसित होने पर एक लाख लोगों के रोजगार सृजन की उम्मीद जताई जा रही है। (संवाद)
वर्जन
डीएम एमपी सिंह का कहना है कि टेक्सटाइल पार्क बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। यहां टेक्सटाइल पार्क बनने से सैकड़ों लोगों को रोजगार मिलने के साथ ही क्षेत्र का चहुंमुखी विकास होगा।