हरदोई। बैराजों के पानी से यहां गंगा नदी का पानी खतरे के निशान को 10 सेमी. पार कर 137.20 मीटर पर पहुंच गया है। बृहस्पतिवार की अपेक्षा शुक्रवार को गंगा नदी के पानी में 10 सेमी. की बढ़ोतरी हुई, जबकि रामगंगा और गर्रा के पानी कमी आई है। गंगा और रामगंगा नदियों में बैराजों से 3.91 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा नदी में पानी बढ़ने से किनारे बसे गांवों की घरों और झोपड़ियों में पानी घुसने लगा है।
गंगा नदी में पानी लगातार बढ़ रहा है। खतरे के निशान 137.10 मीटर को पार कर 137.20 मीटर पर आ गया है। पानी बढ़ने से तहसील बिलग्राम कि गंगा के किनारे के गांवों चिरंजूपुरवा, मक्कूपुरवा आदि गांवों घरों व झोपड़ियों में पानी घुस गया है। सवायजपुर क्षेत्र के गांवों में भी खेतों में पानी घुसने लगा है। गंगा नदी में हरिद्वार बैराज से 80688, बिजनौर बैराज से 97275 और नरौरा बैराज से 209578 क्यूसेक और रामगंगा नदी में खो बैराज से 9280, हरेबली बैराज से 725 और रामनगर बैराज से 844 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। बाढ़ की स्थिति में राहत भरी बात यह है कि रामगंगा नदी का पानी पांच सेमी कम होकर 135.65 मीटर और गर्रा नदी के पानी 55 सेमी की कमी दर्ज गई और पानी 144.15 मीटर पर आ गया है। सवायजपुर क्षेत्र के बरहुली, गोरिया, बड़ागांव आदि गांवों के खेतों में पानी भर जाने से किसानों के सामने फसलों के खराब होने और चारा का संकट गहराता जा रहा है। डीएम एमपी सिंह ने बताया कि बिलग्राम व सवायजपुर एसडीएम से कहा गया है कि वह नदियों के किनारे के गांवों पर विशेष नजर रखें। रेड जोन में चिह्नित 21 गांवों में विशेष जांच शिविर लगवाए जा रहे हैं। किसी तहसील से कोई अप्रिय जानकारी नहीं मिली नहीं है।