संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। खाद्य पदार्थों में मिलावट बंद नहीं हो पा रही है। देसी घी के नाम पर वनस्पति ऑयल की मिलावट कर बेचा जा रहा है, जो स्वास्थ्य के लिए घातक है। गंभीर प्रकृति की मिलावटी की पुष्टि प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट में हुई है।
प्रयोगशाला की ओर से नमूनों की भेजी गई जांच रिपोर्ट में दूध, मैदा व सरसों के तेल समेत 12 नमूनों में मिलावट की पुष्टि की गई है। मिलावट की पुष्टि पर विक्रेताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। खाद सुरक्षा औषधि प्रशासन विभाग ने इन लोगों के विरुद्ध अपर मुख्य दंडाधिकारी के न्यायालय में वाद दायर की प्रक्रिया भी शुरू की है।
खाद सुरक्षा औषधि प्रशासन विभाग के सहायक आयुक्त सतीश कुमार ने बताया कि अगस्त माह में चलाए गए जांच अभियान में मिलावट की आशंका पर खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए गए थे। सैंपल की जांच रिपोर्ट प्रयोगशाला की ओर से प्राप्त हो गई है।
बताया कि मल्लावां के राघवपुर निवासी राकेश कुमार शर्मा के यहां की मैदा, उमेश पुत्र मकरंद के यहां दूध, संडीला निवासी आजाद अली सत्तार के यहां दूध, नसीम पुत्र प्यारे के यहां दूध, मल्लावां निवासी शैलेश पुत्र जीत के यहां दूध, संडीला के आयुष किराना स्टोर के सरसों के तेल, संडीला स्थित अनुज डेयरी के दूध का नमूना फेल हुआ है।
बताया कि ऐसे ही कासिमपुर के बड़ागांव निवासी अखिलेश के यहां के खोया, संडीला के सुधीर के यहां का दूध, राघवेंद्र शुक्ला के यहां का देसी घी, महेश पाल के यहां का खोया, व कछौना के नजीर के यहां का पनीर का नमूना अद्योमानक पाया गया है।