हरदोई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव व अपर जिला जज ने कहा कि घरेलू हिंसा से बचने के लिए आपस में व्यावहारिक भाषा का प्रयोग किया जाए। बहू और बेटी में अंतर न करने से परिवार का माहौल अच्छा होगा। कहा कि सशक्त बनने के लिए शारीरिक रूप से स्वस्थ होना जरूरी है।
अपर जिला जज सुधाकर दुबे ने सोमवार को श्री वेणी माधव विद्यापीठ इंटर कॉलेज में महिला सशक्तीकरण विषय पर विधिक साक्षरता शिविर में छात्राओं को कानून की जानकारी दी। कहा कि समाज के लोगों को अपनी धारणा में बदलाव लाना होगा और लड़का और लड़की में भेदभाव नहीं करना चाहिए। दोनों को एक समान रूप से समाज में अधिकार मिलना चाहिए। घरेलू हिंसा उत्पीड़न अधिनियम 2005 व भारतीय दंड संहिता के बारे में जानकारी दी। कहा कि पुरुष किसी महिला की गरिमा का उल्लंघन, मानसिक रूप से परेशान, जबरन शारीरिक संबंध व अश्लील वीडियो सामग्री देखने के लिए मजबूर करना व दहेज के नाम पर प्रताड़ित करना कानून अपराध की श्रेणी में है।
उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाए गए विभिन्न अधिनियमों की जानकारी दी। प्रधानाचार्या गीता शुक्ला, प्रवक्ता अलका सक्सेना, शशिप्रभा, अंजू देवी, सहायक अध्यापक साधना वर्मा, आकांक्षा मिश्रा व छात्राएं, प्राधिकरण के लिपिक अभिषेक अवस्थी व परा विधिक स्वयंसेवक कीर्ति कश्यप, विवेक कुमार मिश्रा व कमलेश कुमार मौजूद रहे।