हरदोई। मनरेगा में काम देने और ई-मस्टर रोल जारी, निरस्त कराने की मनमानी 11 प्रधान और पंचायत सचिवों को भारी पड़ गई। मांग के सापेक्ष ई-मस्टर रोल कर निरस्त करा दिए जाने पर शासन ने एक लाख से अधिक का बेरोजगारी भत्ता का जुर्माना लगाया है। इसकी भरपाई पंचायत सचिवों से कराई जाएगी। जुर्माना राशि राज्य नोडल खाता (एसएनए) में जमा कराई जाएगी।
मनरेगा में जॉब कार्डधारकों को एक वित्तीय वर्ष में 100 दिन का रोजगार दिए जाने की व्यवस्था है। इसके लिए जाॅब कार्डधारकों को रोजगार दिए जाने के लिए मांग और ई-मस्टर रोल जारी किए जाते हैं। विकास खंड हरपालपुर की 64 में से 11 ग्राम पंचायतों के प्रधानों और पंचायत सचिवों ने श्रमिकों को रोजगार दिए जाने के लिए ई-मस्टर रोल जारी कर दिए। इसके बाद मनमानी कहे या लापरवाही लेकिन, ई-मस्टर रोल निरस्त कर दिए। मनरेगा वेबपोर्टल पर ऑनलाइन समीक्षा में ग्राम्य विकास विभाग के आयुक्त ने इसे पकड़ लिया। मनरेगा में दी गई व्यवस्था में काम न देने पर श्रमिकों को बेरोजगार भत्ता दिए जाने के क्रम में हरपालपुर की ऐसी नौ ग्राम पंचायतों में जुर्माना लगा दिया है। बताया गया कि चालू वित्तीय वर्ष में हरपालपुर प्रदेश में पहला बिना काम के निरस्त किए गए ई-मस्टर रोल से जुड़े श्रमिकों को बेरोजगार भत्ता देने वाला विकास खंड बन गया है।
इन ग्राम पंचायतों को भरना होगा बेरोजगार भत्ता
हरदोई। ग्राम्य विकास विभाग आयुक्त ने हरपालपुर की ग्राम पंचायत सिरसा में 7,465, रोशनपुर में 2,488, नगर चौधरपुर में 5,806, मुसेहरा में 829, मोहल्नपुर में 24,885, मलौथा में 7,465, ललुआमऊ में 17,419, ज्यूरी चंद्रमपुर में 1,955, दयालपुर में 2,488, भूपतिपुर नगरा में 2,488 और बेहटा रम्पुरा में 4,977 रुपये का बेरोजगारी भत्ता का प्रतिकर लगाया गया है।
आयुक्त की ओर लगाए गए बेरोजगार भत्ता प्रतिकर को जमा कराने की जिम्मेदारी हरपालपुर के कार्यक्रम अधिकारी राजीव गुप्ता को सौंपी गई है। दो दिन के अंदर शत-प्रतिशत प्रतिकर 1,00,665 रुपये एसएनए में जमा कराते हुए जमा पर्ची प्राप्त कराने को कहा गया है।
रवि प्रकाश सिंह, उपायुक्त श्रम एवं रोजगार