हरदोई। सरकुलर रोड पर स्थित नवीन गल्ला मंडी के जिम्मेदारों की लापरवाही और मनमर्जी का खामियाजा शुक्रवार को पूरे शहर को भुगतना पड़ा।
सरकुलर रोड, आवास विकास कालोनी, नघेटा रोड, लखनऊ रोड तक पर धान लदी ट्रैक्टर ट्रालियों के कारण जाम लग गया। जाम में बड़ी संख्या में स्कूली बसें भी फंसी रहीं। बसों में सवार बच्चे परेशान होते रहे। कई स्कूलों में बसें देर से पहुंचने के कारण पढ़ाई भी विलंब से शुरू हो पाई।
इन जगहों पर यातायात पुलिस कहीं नजर नहीं आई। रेलवेगंज और मंडी चौकी प्रभारी अपनी टीम के साथ जाम खुलवाने की मशक्कत करते नजर आए।
सरकुलर रोड पर नवीन गल्ला मंडी है। इन दिनों अधिकांश किसान धान बेचने के लिए मंडी पहुंच रहे हैं। पिछले लगभग एक पखवारे से मंडी में लगातार धान की आमद हो रही है। सरकारी क्रय केंद्रों पर भले ही धान कम पहुंच रहा है, लेकिन आढ़तियों के यहां बड़ी संख्या में किसान उपज लेकर पहुंच रहे हैं। मंडी के अंदर तो जाम का सिलसिला पिछले कई दिनों से चल रहा था, लेकिन शुक्रवार को तो धान भरी ट्रैक्टर ट्रालियों ने पूरे शहर को जाम कर दिया।
गल्ला मंडी के गेट से लखनऊ चुंगी तक, गल्लामंडी गेट से ही सरकुलर रोड तक, आवास विकास कालोनी के नघेटा रोड, लखनऊ रोड से आने वाले रास्तों में भी सिर्फ धान लदी ट्रैक्टर ट्रालियां ही नजर आईं। इसके कारण बड़ी संख्या में स्कूली वाहन भी जाम में ही फंस गए। आम तौर पर नुमाइश चौराहा से सरकुलर रोड तक पहुंचने के लिए सीधे रास्ते से अधिकतम 15 मिनट लगते हैं, लेकिन शुक्रवार को जाम के कारण यह सफर पूरा करने में एक घंटे से अधिक का समय लग गया। दोपहर लगभग 12 बजे के आस पास स्थिति सामान्य हो पाई।
शुक्रवार को पूरे शहर में जाम लग जाने के बाद भी जिम्मेदारों ने कोई सुध नहीं ली। नवीन गल्ला मंडी उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने जरूर जाम की समस्या को देखते हुए व्यापारियों की सहमति से कई निर्णय लिए।
तय किया गया कि 12 बजे तक जो आमद आ गई है वह ली जाए और इसके बाद खरीद फरोख्त का काम तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया जाए। यही निर्णय कारगर साबित हुआ और जाम की समस्या इससे काफी हद तक कम हो गई।
गल्ला मंडी उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष श्यामा कुमार गुप्ता टीटू ने बताया कि अचानक अधिक आमद आ जाने और मंडी में पहले से पड़े धान को बाहर भेजे जाने के कारण जाम की स्थिति बनी। भविष्य में ऐसा न हो, इसलिए मंडी में खरीद फरोख्त का कार्य अब रविवार तक बंद रहेगा। उन्होंने कहा कि इस दौरान मंडी में आढ़तों पर खरीदे गए धान को व्यापारी बाहर भेजेंगे।
गल्ला मंडी के सचिव अजय प्रताप सिंह ने बताया कि मंडी का पिछला गेट खुलवा दिया गया हैं। आढ़तों पर उपज बेचने के लिए आने वाले किसान इस गेट से खाली ट्रैक्टर ट्राली लेकर बाहर जा सकेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि मंडी में बने सरकारी क्रय केंद्रों पर उपज बेचने के इच्छुक किसान पिछले गेट से अंदर भी जा सकेंगे।गल्ला मंडी उद्योग व्यापार मंडल ने मंडी परिसर के अंदर की व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए सख्त निर्णय भी लिया है। अध्यक्ष टीटू गुप्ता के मुताबिक अब जो भी आढ़ती मंडी परिसर के अंदर सड़क पर उपज लगाएगा, उसके खिलाफ पांच हजार रुपये का जुर्माना किया जाएगा। इस निर्णय की जानकारी भी सभी आढ़तियों को दे दी गई है।
आढ़तियों के पास उपज बेचने वाले किसानों को अब रात 12 बजे से अगले दिन सुबह 11 बजे तक मंडी के अंदर भेजे जाने की व्यवस्था बनाई गई है। 11 बजे तक उपज आढ़तियों के पास पहुंच जाएगी। दिन में 12 बजे से रात 12 बजे तक आढ़ती खरीदी गई उपज को अपने ट्रैक्टर ट्रालियों या ट्रकों से बाहर भेज सकेंगे। उम्मीद की जा रही है कि इस व्यवस्था से भी जाम से निजात मिलेगा।