हरदोई। त्योहार पर घर आने के बाद वापस काम पर लौटने की राह कठिन होने वाली है, क्योंकि वापसी के लिए ट्रेन व बसों की सीटें फुल हो चुकी हैं।
ट्रेन में वापसी के लिए वेटिंग टिकट भी उपलब्ध नहीं है। वहीं, रोडवेज अतिरिक्त बसों की व्यवस्था कर यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाने की कवायद में लग गया है।
जिले के अधिकांश लोग दिल्ली एनसीआर, पंजाब, उत्तराखंड और जम्मू कश्मीर में काम कर रहे हैं। त्योहार पर लोगों की घर वापसी होती है। सबसे अधिक संख्या दिल्ली एनसीआर के क्षेत्र से आने वालों की है।
प्रदूषण के कारण दिल्ली एनसीआर में बीएस-6 के अतिरिक्त अन्य बसों के संचालन पर रोेक लगा दी गई है। इससे वहां को जाने और वहां से आने के लिए मात्र 68 बसें ही परिवहन निगम के पास उपलब्ध हैं।
अन्य बसों का संचालन कौशांबी तक ही होगा। वर्तमान में परिवहन निगम में ऑनलाइन एसी बस की सीटों की व्यवस्था है। जो फुल चल रही हैं। इससे वापस जाने के लिए इन बसों में सीट उपलब्ध नहीं हैं। वहीं, अन्य बसें दिल्ली तक जाएंगी ही नहीं। यात्रियों को बीच में ही उतरना होगा। इससे वापसी की राह कठिन होगी।
दिल्ली से हरदोई आने वाली अवध असम, नई दिल्ली आवंतीपुरा, सद्भावना, काशी विश्वनाथ, पद्मावत, लखनऊ मेल, गरीब रथ में 16 से 20 नवंबर तक वेटिंग टिकट भी उपलब्ध नहीं हैं। इसके अलावा वर्तमान में पंजाब प्रांत को जाने वाली मात्र तीन ट्रेनें ही संचालित हो रही हैं। इनमें पंजाब मेल, अमृतसर गरीब रथ, हावड़ा-अमृतसर एक्सप्रेस में भी 20 नवंबर तक वेटिंग की टिकट उपलब्ध नहीं है।
हरदोई स्टेशन से जम्मूतवी तक जाने वाली जम्मूतवी एक्सप्रेस और कानपुर सेंट्रल से जम्मूतवी एक्सप्रेस ट्रेन में भी 20 नवंबर तक कोई टिकट उपलब्ध नहीं हैं। इससे ट्रेन से यात्रा करने का विचार छोड़ना पड़ सकता है।
दिल्ली के लिए बीएस-6 की बसों को भेजा जाएगा। इसके अलावा जो भी बसें उपलब्ध हैं, उनको एनसीआर क्षेत्र में जहां तक अनुमति होगी संचालित किया जाएगा। स्थानीय स्टेशन पर यात्रियों की संख्या के आधार पर बसों की व्यवस्था की जाएगी। -अपराजित श्रीवास्तव, क्षेत्रीय प्रबंधक परिवहन निगम