हरदोई। जाने-अनजाने अपराध की राह पर चले किशोरों को जिम्मेदार नागरिक बनाकर रोजगार से जोड़ने की दिशा में काम शुरू हुआ हो गया है। इसके लिए राजकीय संप्रेक्षण गृह में एक ऐसा प्रयोग किया गया है जो दूसरे जनपदों के लिए भी उदाहरण बन गया है। बंदी किशोरों को कौशल विकास मिशन में आर्थिक तौर पर आत्म निर्भर बनाने की ट्रेनिंग देने वाला हरदोई पहला जनपद बन गया है। हाईकोर्ट ने भी इसकी सराहना की है।
ज्ञात हो कि 18 जुलाई 2021 को जब महिला एवं बाल विकास विभाग की तत्कालीन प्रमुख सचिव वी हेकाली झिमोमी जनपद में आईं थीं। उन्होंने राजकीय संप्रेक्षण गृह देखा। मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा राना से कहा कि कुछ ऐसा होना चाहिए कि यहां से निकले किशोर और बच्चे आत्मनिर्भर नागरिक बन सकें।
उनके दौरे के बाद सीडीओ ने होमवर्क किया और उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के तहत किशोरों को व्यवसायिक प्रशिक्षण देने के लिए स्थानीय स्तर पर बातचीत की पर जब नतीजा नहीं निकला तो तत्कालीन जिलाधिकारी अविनाश कुमार की ओर से मिशन निदेशक यूपी को पत्राचार किया गया।
मिशन निदेशक ने भारत सरकार को अवगत कराया। सीडीओ ने लगातार फालोअप किया और 15 दिसंबर 2021 को उत्तर प्रदेश कौशल विकास की निदेशक आंद्रा वामसी ने संरक्षण गृह में पॉवर लाइन डिस्टीब्यूटर और कंप्यूटर सॉफ्ट स्किल का प्रशिक्षण देने की योजना मंजूर कर दी। तबसे 61 किशोरों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। तीन बैच बनाए गए हैं। सुबह दस से बारह बजे तक पढ़ाई होती है और दो से पांच बजे तक व्यावसायिक योग्यता विकसित करने के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है।
हाईकोर्ट के जुबेनाइल जस्टिस केके ठक्कर ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान 30 अगस्त को हरदोई के राजकीय संप्रेक्षण गृह से शुरू की गई कौशल विकास की पहल को सराहा है। दूसरे जनपदों को यहां के कार्य की नजीर दी है। बदायूं, बरेली, गोरखपुर, मुरादाबाद, शाहजहांपुर, आगरा, वाराणसी, मुफ्फरनगर, कानपुर नगर और झांसी में प्रशिक्षण के बाद परीक्षा फिर रोजगार के लिए कैंपस इंटरव्यू होगा।
मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा राना ने कहा कि पहले तो संरक्षण गृह में बेहतर तरीके से रखने और सामान्य तरीके से पढ़ाई कराने पर जोर होता था। अब जब पहली बार इन व्यावसायिक ट्रेनिंग के साथ किशोरों को रोजगार से जोड़ने की योजना बनी और उस पर अमल हुआ है। अब असली सफलता तब सामने होगी जब अपराध के अतीत से दूर किशोर अपनी 18 वर्ष पूरी करते ही किसी कंपनी में जॉब कर रहे होंगे।
नौकरी के लिए होगा कैंपस इंटरव्यू
हरदोई। जिला प्रोबेशन अधिकारी सुशील कुमार ने बताया कि किशोरों का प्रशिक्षण 2 जुलाई को शुरू हुआ था और 3 अक्तूबर को पूरा हो जाएगा। इसके बाद परीक्षा होगी और प्रमाण पत्र दिया जाएगा। नौकरी दिलाने के लिए कैंपस इंटरव्यूह होगा। जो किशोर साक्षात्कार की तिथि तक 18 वर्ष के हो जाएंगे उन्हें रोजगार दिया जाएगा।
सेहत बनाने के लिए जिम, पढ़ने के लिए स्मार्ट क्लास
किशोरों को व्यक्तित्व विकास करने के लिए सीडीओ की पहल पर एक शानदार जिम की स्थापना संप्रेक्षण गृह में की गई है। पढ़ाई के लिए स्मार्ट क्लास बनाई गई है। परिसर को इस तरह सजाया संवारा गया है कि किशोर अपनी प्रतिभा का विकास कर सकें।
कौशल विकास मिशन के तहत रोजगार के लिए प्रशिक्षण लेते किशोर। संवाद- फोटो : HARDOI