तीन साल बीते, नहीं शुरू हो सका रेलवे लाइन का काम
- सांडी रेल लाओ संघर्ष समिति ने किया प्रदर्शन का एलान
संवाद न्यूज एजेंसी
सांडी। हरदोई से गुरसहायगंज वाया सांडी के लिए स्वीकृत लगभग 59 किलोमीटर रेल लाइन का मामला सर्वे तक सिमट गया है। 1300 करोड़ की लागत वाली इस नई रेल लाइन को लेकर अब तस्वीर धुंधली होने लगी है। सर्वे हुए तीन वर्ष बीत चुके हैं पर अभी तक काम शुरू नहीं हो सका है।
रेलवे ने अपने वर्ष 2022 में रेल बजट में हरदोई से गुरसहायगंज वाया सांडी रेलवे लाइन को स्वीकृति दी थी। इसके बाद उम्मीद की जा रही थी कि इस साल रेल लाइन बनाने का कार्य जल्द शुरू दो सकता है। मगर अभी तक कार्य शुरू नहीं हुआ है। रेल लाइन की अनुमानित लागत 1300 करोड़ है। यह रेलवे लाइन प्राथमिकता में उत्तर रेलवे की पिंक बुक में पिछले तीन वर्षों से दर्ज है।
वर्ष 2021 में मेसर्स ट्रांसलिक नामक दिल्ली की एक कंपनी ने इस लाइन का ड्रोन के माध्यम से लोकेशन सर्वे व ट्रोपोग्राफिकेल सर्वे किया था। इसकी रिपोर्ट रेल मंत्रालय को भेजी जा चुकी है। रेलवे लाइन का वर्ष 2022 में सीमांकन कार्य भी कराया गया। रेलवे लाइन के लिए 2000 रुपये टोकन मनी भी जारी की जा चुकी है।
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समिति कर रही संघर्ष
इस रेल लाइन की मांग दशकों से चली आ रही है। इसे लेकर सांडी रेल लाओ संघर्ष समिति ने प्रदर्शन का एलान किया है। समिति अध्यक्ष डा. पंकज ने कहा कि सांडी से लेकर दिल्ली तक पद यात्रा के साथ ही धरना प्रदर्शन कर रेल लाइन की शुरूआत कराने के लिए आवाज बुलंद की जाएगी।