हरदोई। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में बीते 15 दिनों से भले ही फरियादियों की भीड़ उमड़ रही हो, लेकिन हकीकत यह है कि यह भीड़ उम्मीदों की है।
उम्मीद न्याय मिलने की, उम्मीद सुनवाई होने की, उम्मीद सम्मान मिलनेे की और इस सबके बीच उम्मीद कार्रवाई होने की भी। इन उम्मीदों के चलते ही थानों और कोतवाली में पहुंचने वाले फरियादियों की संख्या घट गई है और एसपी कार्यालय पहुंचने वालों की संख्या बढ़ी है। अगर पिछले 15 दिनों के आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो आठ सौ फरियादियों ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की है।
एसपी नीरज कुमार जादौन ने 14 जुलाई की रात में जिले में कार्यभार संभाला था। 15 जुलाई को उन्होंने जनसुनवाई को प्राथमिकता देने की बात कही थी। मातहतों को समझा दिया था कि कायदे में रहने में ही फायदा है। नियम के हिसाब से कार्रवाई होनी चाहिए और भ्रष्टाचार की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। समाज में भी एसपी की बात पहुंची तो उम्मीदों की भीड़ बढ़ना शुरू हो गई। एसपी ने गुलाबी और पीली पर्ची के बीच में शिकायताें और उनके निस्तारण की व्यवस्था को बांध दिया। समीक्षा भी हर रोज होने लगी तो मातहतों में भी खौफ हो गया। जनसुनवाई को लेकर गंभीरता आने लगी।
17 जुलाई से 21 जुलाई के बीच एसपी के पास 294 फरियादी शिकायत लेकर पहुंचे। इनमें 225 नई शिकायतें थीं, जबकि 69 पुरानी शिकायतें थीं। सबसे ज्यादा 47 शिकायतें शहर कोतवाली की थीं, जबकि सबसे कम एक शिकायत महिला थाने की थी।
22 जुलाई से 26 जुलाई के बीच एसपी कार्यालय 293 फरियादी पहुंचे। इनमें से पुरानी शिकायत चार ही थीं। इनमें सबसे ज्यादा 32 शिकायतें शहर कोतवाली की थीं। महज एक शिकायत महिला थाने से जुड़ी थी।
उम्मीदों की भीड़ देखकर एसपी नीरज कुमार जादौन ने फरियादियों से अपील भी की है। कहा है कि सीधे पुलिस अधीक्षक कार्यालय दौड़ लगाने की जरूरत नहीं है। सभी थाना और कोतवाली में पर्ची सिस्टम लागू है। शिकायत थाने में दर्ज कराएं। गुलाबी रसीद जरूर लें। इसके बाद कार्रवाई न हो तभी जिला मुख्यालय पर आएं।