हरदोई। गंगा, रामगंगा और गर्रा नदियों में बाढ़ का पानी तेजी से कम हो रहा है। पानी कम होने के साथ ही गांवों और खेतों से पानी निकलने से अब गंदगी, फसलों का खराब होना शुरु हो गया है।
फसलों के खराब होने से किसानों के सामने परिवार के पालन-पोषण की भी चिंता है। बिजना-सेवारामपुरवा संपर्क मार्ग की पुलिया बाढ़ के पानी से कट जाने से गांव के लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। लोगों को पानी से होकर निकलना पड़ रहा है। इधर, प्रशासन ने सितंबर माह में नदियों में दोबारा आई बाढ़ का पानी अब कम होने पर प्रभावित लोगों को आर्थिक मदद के लिए सर्वे की व्यवस्था दी है।
सितंबर माह में दोबारा आई बाढ़ से तहसील सवायजपुर और बिलग्राम की कटरी और कटियारी क्षेत्र के गांव प्रभावित हुए हैं। शुक्रवार को गंगा नदी का पानी चेतावनी बिंदु से 30 सेंटीमीटर नीचे 136.30 मीटर पर आ गया है। गंगा नदी में हरिद्वार बैराज से 57,676, बिजनौर से 65,743 और नरौरा बैराज से 42,160 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसी के साथ रामगंगा और गर्रा नदियों का पानी भी तेजी से कम हो गया है। गंगा और रामगंगा नदी में आई बाढ़ के पानी से हरपालपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत कुचिला बिजना के मजरा बिजना-सेवारामपुरवा में संपर्क मार्ग पर छब्बपुरवा के पास पुलिया कट गई है। इससे ब्लाॅक और जिले से यातायात संपर्क कट गया है।
जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने बताया कि दोबारा आई बाढ़ से तहसील सवायजपुर और बिलग्राम के आबाद और गैरआबाद करीब 77 गांव प्रभावित हुए थे। अब पानी कम होने पर सवायजपुर और बिलग्राम के एसडीएम को सर्वे की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कहा गया कि प्रभावित गांवों में बाढ़ और बरसात से घरगिरी और खराब हुई फसलों का सर्वे कराते हुए प्रभावित लोगों की सूची सहित रिपोर्ट प्राप्त कराएं। इससे प्रभावित लोगों को दैवी आपदा मद से आर्थिक सहायता प्राप्त कराई जाएगी।