हद है, जांच करनी थी आवास की, लगा दी गोशाला की रिपोर्ट
- झोपड़ी में रहने वाले हुए अपात्र, पीएम आवास पाने के लिए दर दर भटक रहे लोग
- कहीं प्रधान तो कहीं ग्राम पंचायत अधिकारी बन रहे अडंगा
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शहरी और ग्रामीण इलाकों में झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वालों को लाभ दिया जा रहा है लेकिन दर्जनों परिवार ऐसे हैं। जो पात्र होने के बाद भी योजना का लाभ किसी न किसी कारण नहीं उठा पा रहे हैं। इतना ही नहीं पड़ताल में यह भी बात सामने आई है कि जांच अधिकारी रिपोर्ट में आवास न मिलने की शिकायत पर गोशाला में पशुओं के भिजवाने की रिपोर्ट लगा रहे हैं।
वहीं, यदि कोई गरीब आवास नहीं होने पर किसी दूसरे घर के बाहर झोपड़ी बनाकर रहता है, तो उसे अपात्र घोषित किया जा रहा है। ऐसे में जांच अधिकारियों की अनदेखी के चलते लाभार्थी परेशान हैं। इस बाबत एसडीएम डीपी सिंह संडीला का कहना है कि यदि उनके पास आवास की कोई शिकायत आती है तो वह मामले की जांच कराएंगे।
केस -एक
राकेश कुमार निवासी ताले मजरा सांडी अपनी बदनसीबी पर आंसू बहा रहे हैं। वह बताते हैं कि उनके चार बच्चे हैं और रहने के लिए घर नहीं है। वह झोपड़ी बनाकर अपने परिवार के साथ उसी में रहते हैं। बताया कि जनसुनवाई पोर्टल पर ग्राम पंचायत अधिकारी ने उनके घर संबंधी रिपोर्ट की जगह गोशाला की रिपोर्ट लगा दी है। उसने बताया कि यह सब जानबूझ कर किया गया है, ताकि उसे रहने के लिए आवास न मिल सके।
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केस- दो
सबरजीत का कहना है कि वह शारीरिक रूप से 55 फीसदी दिव्यांग है। उसके पास आवास नहीं है। वह पुराने कच्चे मकान में जीवन यापन कर रहा है। आय का भी कोई साधन नहीं है। जनसुनवाई पोर्टल पर ग्राम पंचायत अधिकारी ने उसका पक्का मकान दिखा दिया है। उनका कहना है कि गांव के कुछ लोग उनका विरोध कर रहे हैं, इसी के चलते उनके मकान की गलत रिपोर्ट लगाई जा रही है।
केस-तीन
बेहंदर की रहने वाली मुन्नी देवी खुले आसमान के नीचे खाना बनाती हैं। इनके पास कोई आवास नहीं है। पात्रता सूची में नाम भी है, मगर उन्हें आवास नहीं मिल पा रहा है। इसे लेकर वह कई बार डीएम व एसडीएम से शिकायत कर चुकी हैं। इसके बावजूद उन्हें आवास के लिए दर दर भटकना पड़ रहा है।
इस बार घट गया लक्ष्य
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में शासन ने लक्ष्य में 5,729 आवास कम कर दिए हैं। पहले 33,781 परिवारों के लिए लक्ष्य दिया गया था। जिला प्रशासन की ओर से ब्लॉकवार कम लक्ष्य के अनुसार पंजीकरण, जियो टैग की जिम्मेदारी बीडीओ को सौंपी गई है। अब कुल 28,052 लक्ष्य में 18 हजार परिवारों का पंजीकरण कराते हुए 11 हजार से अधिक की स्वीकृति जारी की जा चुकी है।
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अपात्रों पर हो कार्रवाई
हरदोई। टड़ियावां के ग्राम जिगिनियां खुर्द निवासी गंगाराम ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र दिया है। इसमें आरोप लगाया कि गांव में कई अपात्रों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास दे दिए गए हैं। इनकी जांच कर कार्रवाई की जाए। (संवाद)