- बाढ़ की आशंका से भयभीत हैं लोग
- तहसील प्रशासन से मदद के नाम पर सिर्फ आश्वासन
संवाद न्यूज एजेंसी
सवायजपुर। बारिश और नदियों के जलस्तर बढ़ने से कटियारी क्षेत्र के गामीणों की नींद उड़ गई है। हरपालपुर ब्लॉक के गोरिया, बरहुली तथा साईं के लोग बाढ़ की आशंका से परेशान हैं। ग्रामीणों को फसलों के साथ-साथ घर भी उजड़ने का डर सता रहा है। ग्रामीणों को चिह्नित कर ऊंचे स्थानों पर बसाने के लिए अभी तक कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
हरपालपुर ब्लाक के रामगंगा नदी के किनारे बसे गांव गोरिया, बरहुली, साई आदि गांवों में सबसे ज्यादा बाढ़ से प्रभावित होते हैं। हर वर्ष इन गांवों के परिवारों को ऊंचे स्थान पर बसाने का आश्वासन मिलता है, लेकिन ऊंचे स्थानों पर खाली जगह होने के बावजूद उन्हें राहत नहीं दी जा सकी है। पिछले साल बाढ़ से बचाव की तैयारियों का जायजा लेने आईं लखनऊ मंडल के कमिश्नर रोशन जैकब ने बरहुली ग्राम रामगंगा नदी के मुहाने पर बसे आधा दर्जन परिवारों को तहसील प्रशासन को यहां से हटाकर भूमि इत्यादि आवंटित कर उन्हें ऊंचे स्थान पर बसाने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद कुछ नहीं हुआ। अभी भी प्रभावित परिवार नदी के मुहाने रह रहे हैं। बारिश के होने और नदियों का जल स्तर बढ़ने से लोगों की नींद उड़ गई है। बरहुली के रामस्वरूप, सुरेश चंद्र, रामकली, नीतू, रामवीर, पृथ्वीराज, गंगाराम, राम किशन, सुरेश चंद आदि के मकान नदी के किनारे बने हैं। उनका कहना है अभी तक कोई राहत नहीं मिली है।
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यह है बानगी
गांव गोरिया में नदी के किनारे रह रही वृद्ध प्रेमावती बताती है कि वह आर्थिक रूप से कमजोर है। इस कारण गैस सिलिंडर भरा नहीं सकती, इसलिए चूल्हे पर गीली लकड़ियों के सहारे भोजन बनाना पड़ता है। मकान भी गिर गया। गोरिया की ममता ने बताया एक तो बाढ़ का खतरा दूसरे रुक-रुक कर हो कर बरसात हो रही है। कच्चा मकान जगह-जगह से गिर रहा है। लिपाई-पुताई के बाद भी कच्ची मिट्टी दीवारों से गिर जाती है। रामवती ने बताया कि जब भी बाढ़ का पानी घरों में भरता है, तब राहत के नाम पर तिरपाल और खाने के पैकेट के साथ सिर्फ आश्वासन दिया जाता है।
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बाढ़ पीड़ितों के लिए पिछले वर्ष जो सहायता राशि आई थी वह दे दी गई थी। उन्हें आवास के लिए पट्टा आवंटन की कार्रवाई वह जल्द पूरा कराया जाएगा। रामगंगा नदी की बाढ़ से गांव के बचाने के लिए कार्य सिंचाई विभाग रहा है। कार्य पूरा होते ही वार्ड की समस्या खत्म हो जाएगी।
- डॉ. अरुणिमा श्रीवास्तव एसडीएम