हरदोई। बैराजों से छोड़ा गया 2.50 लाख क्यूसेक पानी और बारिश ने सोमवार को यहां की नदियों का जलस्तर बढ़ा दिया है। गंगा नदी में सोमवार की अपेक्षा पांच सेमी. और रामगंगा में 60 सेमी. जलस्तर वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं गर्रा नदी के जलस्तर में 80 सेमी. की बढ़ोतरी हुई है।
यहां से प्रवाहित होने वाली नदियों में गंगा, रामगंगा और गर्रा नदियों के जलस्तर में दो दिनों से बढ़ोतरी हो रही है। हालांकि तीनों नदियों का जलस्तर अभी चेतावनी बिंदु से काफी नीचे है। बाढ़ नियंत्रण कंट्रोल रूम से मिली जानकारी में गंगा का जलस्तर 136 मीटर पर पहुंच गया है जो, चेतावनी बिंदु से 60 सेमी. नीचे है। ऐसे ही रामगंगा का जलस्तर 135.35 मीटर पर प्रवाहित हो रहा है, यह चेतावनी बिंदु से 1.25 मीटर नीचे है। गर्रा के जलस्तर में सबसे अधिक वृद्धि 80 सेमी हुई है और जलस्तर 135.70 मीटर पहुंच गया है।
यहां पर कटरी क्षेत्र में प्रवाहित नदियों में गंगा और रामगंगा में छोड़े जाने वाले बैराजों के पानी से सभी नदियों का जलस्तर आपस में मिलने से बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होती है।
बताया गया कि गंगा नदी में हरिद्वार से 84,583, बिजनौर से 1,00,675 और नरौरा बैराज से 46,458 क्यूसेक पानी और रामगंगा में खो बैराज से 16,560, बरेली से 456 और रामनगर बैराज से 1964 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
डीएम एमपी सिंह ने बताया कि बाढ़ प्रभावित तहसील सवायजपुर और बिलग्राम के एसडीएम से कहा गया है कि नदियों के जलस्तर की अपडेट लगातार लेते रहें और क्षेत्र में नजर रखें। बाढ़ प्रभावित चौकियों को सक्रिय रखा जाए और प्रभावित गांवों के प्रधान आदि से भी जानकारी लेते रहें, ताकि आवश्यकता पर त्वरित मदद कराई जा सके।