संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। गंगा, रामगंगा व गर्रा नदी में शुक्रवार को पानी और कम हुआ तो, घरों व खेतों से पानी निकलना शुरू हो गया। बाढ़ का पानी तो घरों से निकला है पर, तबाही के निशान छोड़ गया है। नदियों में पानी कम होने से कटान की आशंका के साथ ही बीमारियों के पनपने का खतरा बढ़ा है।
बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा अब कम होती जा रही है। इससे यहां पर गंगा, रामगंगा व गर्रा नदियों का पानी भी कम होने लगा है। गंगा नदी का पानी 50 सेंटीमीटर (सेमी.) कम होकर चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से 40 सेमी. नीचे 136.20 मीटर पर आ गया है। रामगंगा नदी के पानी भी 25 सेमी. कमी आई और पानी 136.30 मीटर और गर्रा नदी के पानी में 10 सेमी. की कमी आई और पानी 144.25 मीटर पर आ गया है।
तीनों नदियों में पानी कम होने से बिलग्राम क्षेत्र के कटरी व सवायजपुर क्षेत्र के कटियारी में गांवों, घरों व खेतों में भरा पानी निकलने लगा है। बाढ़ का पानी घरों से निकला है पर, निशान अभी भी बाकी हैं। कटरी के चिरंजूपुरवा में झोपड़ियों की दीवारें पानी से पनपी नमी के कारण ढहने लगीं हैं। ऐसे ही कटियारी क्षेत्र के अरवल के मजरा मझरिया सहित प्रभावित गांवों का हाल है।
पानी उतरने के बाद फसलों पर भी असर साफ दिखने लगा है। गांवों में गंदगी के कारण बीमारियों के पनपने की आशंका भी बढ़ी है। डीएम एमपी सिंह ने बताया कि बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में है। पानी कम होने के बाद की स्थितियों पर लगातार नजर रखने के लिए राजस्व, सिंचाई व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। सीएमओ से कहा गया है कि वह बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में उपचार व दवाओं आदि की पर्याप्त व्यवस्था रखें।