भगवत कथा कहते भास्करानंद महाराज।
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हरदोई। अभिमान बुराइयों की जड़ है। इससे दूर रहने में ही भलाई है। अभिमान करने वालों का एक दिन पतन निश्चित है। भगवान किसी का घमंड नहीं रखते हैं। भले ही वो कितना ही शक्तिशाली क्यों न हो। ये प्रवचन लोनार स्थित श्री पशुपतिनाथ महादेव मंदिर परिसर में आयोजित श्री रुद्र महायज्ञ एवं सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन रविवार को वृंदावन धाम से आए कथा व्यास भास्करानंद महाराज ने दिए।
महाराज ने कहा कि जीवन में आनंद पाना है शांति चाहिए तो समर्पण भाव से प्रभु का स्मरण करें। भगवान तो भक्ति के वश में होते हैं। भक्ति में वो शक्ति है जिससे बड़ी से बड़ी विपत्तियों का सामना किया जा सकता है। भक्ति में विश्वास और समर्पण आवश्यक है। गोवर्धन पूजा का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि जब देवराज इंद्र ने गोवर्धन पूजा से नाराज होकर वृंदावनधाम पर घमंड में आकर अपना अतिवृष्टि रूपी कोप दिखाया तो भगवान श्रीकृष्ण ने उंगली पर गोवर्धन पर्वत को उठाकर इंद्र के घमंड को चूर कर दिया और लोगों की बारिश से रक्षा की।
महाराज ने कहा कि अभिमान, मदिरा पान तथा व्यभिचार, जुआ व राक्षसी भोजन करने वालों की बुद्धि भ्रष्ट हो जाती हैं और बुद्धि भ्रष्ट होने पर उसका पतन हो जाता हैं। इसलिए इनसे दूर रहना चाहिए। इस मौके पर स्वामी सुबोधानंद महाराज, अशोक श्रीवास्तव एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती अर्चना श्रीवास्तव, ऋषिकांत सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।