हरदोई। तकरीबन चार साल पहले तीन साल की सगी भतीजी से दुष्कर्म करने के आरोप में अपर जिला जज (कोर्ट संख्या 14 पाक्सो कोर्ट) मोहम्मद नसीम ने ताऊ को दोषी ठहराया है। अपर जिला जज ने अभियुक्त को दरिंदा, पिशाच, भेड़िया बताते हुए फांसी पर तब तक लटकाए रखने की सजा सुनाई है, जब तक दोषी की मौत न हो जाए। उन्होंने अपराध विरल से विरलतम् (रेयरेस्ट ऑफ रेयर) की श्रेणी में बताया।
सांडी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी तीन साल की बच्ची 28 जुलाई 2020 को अपने घर में थी। इसी दौरान उसका ताऊ चीज दिलाने के बहाने गोदी में उठाकर ले गया। अपने घर ले जाकर बच्ची से दुष्कर्म किया। इस दौरान बच्ची बेहोश हो गई तो उसे बच्ची के घर में चारपाई पर लिटाकर भाग गया। घर में खाना बना रही बच्ची की मां ने जब उससे लेटे होने का कारण पूछा तो उसने घटना बताई। इस पर ईश्वर पाल की तलाश की गई, लेकिन वह मौके से भाग निकला था।
उसी दिन सांडी थाने में घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। गंभीर हालत में बच्ची को सीएचसी से जिला अस्पताल और फिर लखनऊ के राम मनोहर लोहिया संस्थान में भर्ती कराया गया। पूरे मामले की सुनवाई के दौरान अपर जिला जज मोहम्मद नसीम ने दोषी को 30 जुलाई को ही दोषी करार दे दिया था। सजा पर फैसला सुरक्षित कर लिया था। सोमवार को उन्होंने दोषी को फांसी की सजा दिए जाने का फैसला सुनाया। एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की रकम पीड़िता के अभिभावक को उपलब्ध कराने का आदेश भी अपर जिला जज ने सुनाया है।