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Hardoi News: एथनॉन के उत्पादन में आयी तेजी तो किसानों को मिली राहत

Wed, 01 Mar 2023 12:27 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
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इथेनॉल के उत्पादन में आई तेजी तो किसानों को मिली राहत
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- इस बार जिले में छह हजार करोड़ लीटर का हुआ उत्पादन
- तीनों चीनी मिल को मिली संजीवनी
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। चीनी कारखानों में इथेनॉल का उत्पादन होता रहा है, लेकिन पिछले दो वर्षों में इसमें तेजी आई है। इसकी वजह है भारत सरकार का इथेनॉल मिश्रण योजना के तहत इसके उत्पादन पर जोर देना है। जिले में तीन चीनी मिलें हैं, इसमें हरियावां मिल में प्रति पेराई छह करोड़ लीटर इथेनॉल तैयार किया जा रहा है। इससे किसानों को समय पर भुगतान मिल पा रहा है, वहीं मिलों को उर्जा मिली है।
जनपद के हरियावां, रूपापुर और लोनी में चीनी के कारखाने लगे हैं। हरियावां मिल में प्रतिदिन 190 किलो लीटर इथेनॉल का उत्पादन किया जा रहा है। रूपापुर और लोनी मिल में इथेनॉल बनाने के संसाधनों का अभाव है। इसके चलते इन दोनों मिल से मानक के अनुरूप शीरा हरियावां पहुंचाया जाता है। यहीं पर इथेनॉल बनकर ऑयल कंपनियों को बेचा जाता है। ऐसे में इन मिलों के गन्ना किसानों के भुगतान की स्थिति बेहतर है। ऐसा इसलिए संभव हो पा रहा है कि इथेनॉल की बिक्री बड़े पैमाने पर चीनी मिलें कर रही हैं। इथेनॉल को ग्रीन फ्यूल भी कहा जाता है।यहां किसानों को गन्ने का भुगतान औसतन 10 से 15 दिन में होता है। यह हाल तब है जबकि इन मिलों में बनने वाली चीनी की कीमत थोक और खुदरा में काफी कम है। हकीकत यह है कि इथेनॉल की बिक्री से चीनी मिलें न सिर्फ खुद की सांसें बढ़ा रही हैं, बल्कि किसानों के लिए भी संजीवनी का काम कर रही हैं। दो वर्ष पहले तक किसानों को गन्ना मूल्य के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था, लेकिन जब से चीनी मिलों ने इथेनॉल बनाकर इसकी बिक्री शुरू की तब से गन्ना किसानों को काफी राहत मिल गई है।
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20 दिन में कर दिया भुगतान
जिला गन्ना अधिकारी सना आफरीन ने बताया कि बीते 20 दिनों 96,17,774 लाख रुपये का गन्ना किसानों को भुगतान किया जा चुका है। इस सत्र में तीन करोड़ चार लाख 84 हजार रुपये के गन्ने की खरीद और पेराई हो चुकी है। सना ने बताया कि विभाग की ओर से किसानों को हर संभव सहायता दी जा रही है। हरियावां चीनी मिल के यूनिट हेड प्रदीप त्यागी कहते हैं कि हम लोग गन्ना किसानों को बेहतर माहौल प्रदान कर रहे हैं। इथेनॉल के उत्पादन में तेजी आने से गन्ना किसानों का भुगतान शीघ्र किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसान अधिक से अधिक गन्ने का उत्पादन करें।
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इसलिए बिक रहा इथेनॉल भारत में पेट्रो पदार्थों में इथेनॉल का इस्तेमाल पिछले कुछ वर्ष से शुरू हुआ है। पेट्रो पदार्थ में इथेनॉल 12 से 14 फीसदी ही इस्तेमाल हो रहा है। इसे बढ़ाकर 20 से 25 फीसदी तक करने की तैयारी है। दरअसल, ब्राजील में इथेनॉल का इस्तेमाल पेट्रो पदार्थों में 28 फीसदी तक होता है। केंद्र सरकार ब्राजील को नजीर मानकर कहीं न कहीं इसी स्तर तक इथेनॉल का उपयोग पेट्रो पदार्थों में करना चाहती है।
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