हरदोई। चूल्हे की चिंगारी से झोपड़ी में लगी आग में दो मामूम बच्चे जिंदा जल गए। हादसे के वक्त मां शौच के लिए जंगल गई थी। लोगों ने मशक्कत के बाद आग बुझाई। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार प्रयास के बाद दमकल विभाग का फोन नहीं लगा। डेढ़ घंटे बाद जब फोन लगा तब तक आग बुझाई जा चुकी थी।
हरपालपुर थाना क्षेत्र के मखाई पुरवा निवासी तेजराम की पत्नी मायादेवी ने शुक्रवार सुबह खाना बनाने के लिए चूल्हा जलाया। उसके बाद शौच के लिए जंगल में चली गई। तेजराम खेत पर काम करने गया था। झोपड़ी में तेजराम के पांच राजपाल (10), रिंकी (8), आशीष (6), ज्ञानेंद्र (5) और पुत्री नन्ही (3) थे। चूल्हे से निकली चिंगारी से अचानक आग लग गई। देखते ही देखते पूरी झोपड़ी आग की तेज लपटों में घिर गई। राजपाल, रिंकी भाग कर झोपड़ी से बाहर आ गए। इसी दौरान वहां पहुंची माया और दोनों बच्चों ने शोर मचा दिया। ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आशीष को बाहर निकाल लिया। जब तक ज्ञानेंद्र और नन्ही को बचाया जाता तब तक आग ने विकराल रूप ले लिया। इसके बाद गांववालों ने कड़ी मशक्कत कर आग पर काबू पाया। उन्होंने बताया कि दमकल विभाग को सूचना दी गई थी, लेकिन मौके पर टीम नहीं पहुंची। इधर, तहसीलदार डॉ. अरुणिमा श्रीवास्तव ने बताया कि दुखद घटना है। पीड़ित परिवार को आठ लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा।