हरपालपुर। जलती झोपड़ी के अंदर से आ रहीं बच्चों की चीखें... मां बचा लो। बाहर बेबस मां माया देवी को पकड़े ग्रामीण जो झोपड़ी में जाने की जिद कर छटपटा रही थी...। एक बच्चे को ग्रामीणों ने निकाल लिया, जबकि दो को आग ने लील लिया। जलती झोपड़ी से चीखें आनी बंद हुईं तो बेबस मां गश खाकर गिर पड़ी। शुक्रवार को मखाई पुरवा गांव में यह दर्दनाक हालात देख हर किसी की आंखें नम हो गईं।
ग्रामीणों ने माया पर पानी की छींटे मारी। इसके बाद होश में आई माया अपने तीनों बच्चों को कलेजे से चिपटाकर रोने लगी। गांव में तेजराम के घर में आग लगने की जानकारी जिस किसी ने सुनी, वह घरों से पानी लेकर आग पर काबू पाने की कोशिश करता हुआ दिखाई दे रहा था। डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। इसके बाद वहां खड़ा हर शख्स माया और उसके पति तेजराम को सांत्वना दे रहा था।
आवास मिला होता तो शायद नहीं होती यह घटना
सांडी विकास खंड की ग्राम पंचायत दस्यौली के मजरा मखाईपुरवा का तेजाराम का परिवार 10 वर्षों से झोपड़ी में रह कर परिवार का भरण पोषण कर रहा है। प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजना में आवास के लिए उसने कई बार अधिकारियों से फरियाद की। आवास नहीं मिल पाया। चर्चा थी कि यदि आवास मिल जाता तो शायद इतनी बड़ी घटना नहीं होती। ग्राम प्रधान नंदिनी ने बताया कि उसका आवास योजना की सूची में नाम न होने के चलते उसे लाभ नहीं मिल सका है।
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एक साथ दो मासूमों की उठीं अर्थियां
घटना के बाद दो मासूमों की एक साथ अर्थी उठने से मौके पर पहुंचे हर किसी की आंखों में आंसू छलक आए। घटना के बाद गांव में मातम का माहौल दिखा।
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तहसीलदार ने 10 हजार की आर्थिक सहायता दी
तहसीलदार डॉ. अरुणिमा श्रीवास्तव व नायब तहसीलदार महेंद्र सिंह व अन्य राजस्व कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार को तिरपाल, छप्पर व राशन सामग्री के लिए तात्कालिक सहायता के रूप में 10 हजार रुपये दिए। तहसीलदार ने बताया कि आठ लाख रुपये मुआवजे की धनराशि शनिवार तक तेजपाल के खाते में भेज दी जाएगी।
घटना ने खोल दी पात्रता की हकीकत
सरकार की ओर से जो गरीबों के योजनाएं गांवों तक पहुंचती है। उनका लाभ किसे मिल रहा है। इस घटना से हकीकत का अंदाजा लगाया जा सकता है। जहां पर लाभ पहुंचना चाहिए वह पात्रता की सूची में ही नहीं आ पाता है। परिजनों ने बताया कि तेजराम के पास बीपीएल का कार्ड है। इस वजह से उसे उज्जवला योजना के तहत घरेलू गैस सिलिंडर भी नहीं मिला।
टाइम लाइन
झोपड़ी में लगी आग : सुबह 5:30
लोगों की भीड़ पहुंची सुबह 5:40
हरपालपुर एसआई : सुबह 7:30
कोतवाल पहुंचे सुबह 8:30
नायब तहसीलदार पहुंचे : सुबह 9:40
पंचनामा की कार्रवाई : सुबह 10: 00
तहसीलदार पहुंचीं दोपहर : 12.00
पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचे शव : शाम 4: 30
मखाई पुरवा के करीब के फायर स्टेशन
हरदोई फायर स्टेशन 30 करीब किलोमीटर, बिलग्राम स्टेशन करीब 19 किलोमीटर, सवायजपुर करीब 23 किलोमीटर
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वक्त पड़ा तो नहीं मिले मोबाइल नंबर
लोगों की माने तो जब मखाई पुरवा में आग के गोले में मासूम बच्चे फंसे हुए थे। उस समय लोग एक तरफ आग पर काबू पाने के लिए आग बुझा रहे थे । वही, बीच-बीच में फायर स्टेशन का नंबर भी डायल कर रहे थे। लोगों की मानें तो एक भी फायर स्टेशन का नंबर नही लगा। करीब डेढ़ घंटे बाद मिला तब तक आग पर काबू पाया जा चुका था।