पाली। वैज्ञानिक युग में आज भी कुछ लोग अंध विश्वास में जकड़े हुए हैं। ऐसा ही एक मामला उमरिया में देखने को मिला। यहां सर्प दंश से युवक की मौत हो जाने के बाद भी परिजन 36 घंटे तक झाड़-फूंक से उसके जीवित होने का इंतजार करते रहे। तीसरे दिन शव का अंतिम संस्कार कराया गया।
पाली थाना क्षेत्र की लखमापुर ग्राम पंचायत के मजरा उमरिया निवासी विमलेश (42) खेती करता था। बृहस्पतिवार की शाम उसके हाथ में सर्प ने डस लिया था। परिजन उसे अस्पताल ले जाने की जगह पछेरिया गांव में एक देसी दवा पिलाकर झाड़ फूंक कराने ले गए। कोई राहत न मिलने पर परिजन उसे फर्रुखाबाद के एक अस्पताल ले गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद परिजन शव लेकर गांव आ गए। गांव में किसी ने कन्नौज के एक झाड़फूंक करने वाले के बारे में बताया, तो परिजन शव लेकर वहां चले गए। वहां झाड़फूक करने वाला नहीं मिला। इसके बाद लोनार कोतवाली क्षेत्र के बूटामऊ गांव में झाड़-फूंक कराते रहे। परिजन शव लेकर बूटामऊ पहुंच गए, लेकिन वहां भी कोई फायदा नहीं मिला। अंतत: शनिवार को परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।