संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। परिषदीय विद्यालयों नौ करोड़ रुपये से संसाधन उपलब्ध कराएं जाएंगें। भारत सरकार की ओर से 157 विद्यालयों के लिए धनराशि आवंटित की गई थी, जो विभाग के खातों में पड़ी हुई थी, जिसे ग्राम शिक्षानिधि खातों में स्थानांरित कर दिया गया है। विद्यालय में संसाधन पूर्ण होने से उसका लाभ विद्यार्थियों को मिलेगा।
परिषदीय विद्यालयों की मूलभूत सुविधाओं को लेकर पूरा ब्योरा यू-डायस पोर्टल पर अपलोड होता है। इस ब्योरे के आधार शासन ने जनपद के बेसिक शिक्षा विभाग को नौ करोड़ छह लाख 62 हजार रुपये का बजट उपलब्ध कराया गया था। इस बजट से परिषदीय विद्यायलों में चहार दीवारी के निर्माण, बालकों के लिए शौचालय का निर्माण, बालिकाओं के लिए शौचालय का निर्माण, वृहद मरम्मत और विद्युतीकरण का कार्य कराया जाना है। शासन से मिला बजट अफसरों की डिजिटल तिजोरी में बंद था। जिसकी खबर अमर उजाला ने 29 जुलाई के अंक में कार्याकल्प के नौ करोड़ डंप शीर्षक से प्रकाशित की थी। जिसके बाद विभाग की कागजी कार्रवाई तेज हुई और धनराशि को ग्राम शिक्षा निधि के खाते में स्थानांतरित कर दिया गया। जिससे अब विद्यालयों में कार्य शुरू हो जाएंगें।
यह कार्य हैं होने
-157 विद्यालयों में चहार दीवारी का निर्माण, 78 विद्यालयों में बालक शौचालयों का निर्माण, 75 विद्यालयों में बालिका शौचालयों का निर्माण,106 विद्यालयों में विद्युतीकरण का कार्य, 28 विद्यालयों में वृहद मरम्मत का कार्य शामिल है।
इंसेट
ऑनलाइन होगी मानीटरिंग
विद्यालय में होने वाले कार्यों की ऑनलाइन मनीटरिंग होगी। शिक्षक को विद्यालय में कार्य शुरू होने की पूर्व की स्थिति की फोटो, उसके बाद प्रतिदिन किए गए कार्य की फोटो ग्रुप में भेजनी होगी। इसके अलग से मानीटरिंग ग्रुप बनाया जाएगा। जिसकी बीएसए निगरानी करेंगें।
इंसेट-
विद्यालयों का सत्यापन कराने के उपरांत ग्राम शिक्षा निधि खाते में धनराशि स्थानांतरित कर दी गई है। विद्यालयों में भारत सरकार की ओर से निर्धारित कार्य ही कराएं जाएंगें, जिसकी नियमित मनीटरिंग की जाएगी।
विजय प्रताप सिंह, बीएसए