एक तरफ उठी डोली, दूसरी ओर पिता की अर्थी
शादी की रस्मे पूरी होने के बाद परिवार के लोगों ने पहले को कन्या को ससुराल के लिए विदा किया। उसके बाद पिता की अर्थी को कंधा दिया। इस माहौल को देखकर हर किसी की आंखे नम हो गई। अंतिम यात्रा के दौरान सैकड़ों लोग मौजूद रहे।