फोटो 33: नव दुर्गा पंडाल में धार्मिक कार्यक्रम प्रस्तुत करते विद्यार्थी। संवाद
शाहाबाद/संडीला। श्रीरामलीला में कलाकारों ने धनुष यज्ञ, लक्ष्मण-परशुराम संवाद लीला का मंचन किया। सजीव मंचन देख दर्शक भावविभोर हुए।
शाहाबाद में रामलीला मेला पठकाना और संडीला नगर के संडीला नगर में श्री रामलीला कमेटी की तरफ से 86वीं रामलीला में बुधवार रात कानपुर के कलाकारों ने धनुष यज्ञ और परशुराम संवाद लीला का भावपूर्ण मंचन किया। धनुष यज्ञ प्रसंग में राजा जनक की प्रतिज्ञा अनुसार माता सीता के स्वयंवर का आयोजन किया गया। देश-विदेश के अनेक राजा और राजकुमार शिव धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाने का प्रयास करते हैं, लेकिन कोई भी उसे हिला तक नहीं पाता। इससे राजा जनक निराश हो जाते हैं। गुरु विश्वामित्र की आज्ञा पाकर भगवान श्रीराम आगे बढ़ते हैं और सहजता से शिव धनुष उठाकर उस पर प्रत्यंचा चढ़ाते हैं। इसी दौरान धनुष टूट जाता है। धनुष टूटने की ध्वनि से स्वयंवर स्थल गूंज उठता है और श्रीराम के पराक्रम से श्रद्धालु भावविभोर हो जाते हैं।धनुष टूटने की सूचना पर भगवान परशुराम क्रोधित होकर जनक दरबार पहुंचते हैं। वहां लक्ष्मण और परशुराम के बीच तीखा संवाद होता है। लक्ष्मण अपने तर्कों से परशुराम को उत्तर देते हैं, अंत में भगवान श्रीराम के विनम्र व्यवहार और दिव्य स्वरूप को पहचानकर परशुराम का क्रोध शांत हो जाता है। लीला के दौरान कमेटी के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
फोटो 33: नव दुर्गा पंडाल में धार्मिक कार्यक्रम प्रस्तुत करते विद्यार्थी। संवाद