सपा प्रत्याशी की जीत पर झूमते समर्थक।
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हरदोई। सपा के गढ़ में भाजपा की सेंधमारी एमएलसी चुनाव में धड़ाम हो गई। इसके पीछे सपा की एकजुटता और भाजपा में तालमेल की कमी माना जा रहा है। रविवार को आए चुनाव परिणाम में साफ कर दिया कि जिले में अभी भी सपा का जलवा कायम है।
जिले में सपा के कद्दावर नेता राज्यसभा सांसद नरेश अग्रवाल के करीबी रहे राजकुमार अग्रवाल (राजिया) को एमएलसी चुनाव में सपा ने टिकट नहीं दिया था। भाजपा ने राजिया को पार्टी में शामिल कर उन्हें एमएलसी का टिकट दे दिया। भाजपा की रणनीति पर सपाई चौकन्ने हो गए।
पार्टी मुखिया मुलायम सिंह यादव के निर्देश पर चुनाव की कमान सांसद नरेश अग्रवाल ने संभालते हुए ब्लाक स्तर पर अपने भाई जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल, पूर्व पालिकाध्यक्ष उमेश अग्र्रवाल को सक्रिय कर दिया।
वहीं, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव व एमएलसी डा. अशोक वाजपेयी के साथ खुद भी ब्लाक स्तर पर मीटिंगें कर सपा के पक्ष में लामबंदी शुरू कर दी। सपा नेताआें की एकजुटता ने जहां पार्टी प्रत्याशी को मजबूती दी, वहीं भाजपा खेमे में अलग-अलग लामबंदी होने लगी। भाजपा प्रत्याशी राजकुमार अग्रवाल के नामांकन से लेकर ब्लाक स्तर पर होने पर होने वाली बैठकों में गुटबंदी झलकने लगी।
भाजपा सांसद अंशुल वर्मा के आवास पर हुई बैठक में पार्टी के जिलाध्यक्ष राजीव रंजन मिश्रा का नदारद रहना इसी कड़ी से जोड़कर देखा जा सकता है। मतदान में पार्टी की सांसद अंजू बाला जहां वोट डालने नहीं गई। वहीं, एमएलसी कीर्ती सिंह मतदान समाप्त होने के बाद मतदान केंद्र पर पहुंची। नतीजतन उनका भी वोट नहीं पड़ सका।