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जन्म-जन्म के पाप नसावे, अंत वास शिवपुर में पावे...

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फोटो-1-नुमाइश चौराहे स्थित शिवभोले मंदिर पर पूजन करते श्रद्धालु। संवाद - फोटो : HARDOI
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हरदोई। सावन के दूसरे सोमवार पर सुबह से शिवालयों में भीड़ रही। मंदिरों में भोले के जयकारे गूंजते रहे।
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सकाहा मंदिर, सुनासीर नाथ मंदिर, बाबा विश्वनाथ, तुरंत नाथ, बूढ़े बाबा, शिव भोले मंदिर समेत अन्य मंदिरों में भक्तों की कतारें लगी रहीं। भक्तों ने भोलेनाथ का दूध, जल, शहद से अभिषेक किया। उन्हें बेलपत्र अर्पित कर सुख समृद्धि की कामना की। मंदिरों में पुजारियों ने भक्तों को सोशल डिस्टेंसिंग के पालन की हिदायत भी दी। सावन को लेकर कई मान्यताएं भी हैं। शास्त्री उमाकांत अवस्थी का कहना है कि सावन मास भर भगवान की कृपा पानी हो तो रोज सुबह जल्दी उठकर भगवान शिव का जलाभिषेक करना चाहिए। उन्हें काले तिल अर्पित करें। इसके बाद कुछ देर ऊं नम: शिवाय का जाप करें। उन्होंने बताया कि रोज किसी नदी या तालाब में आटे की गोलियां मछलियों को खिलाने से धन की प्राप्ति के अवसर प्राप्त होते हैं। गरीबों को भोजन कराने से घर में अन्न की कमी नहीं होती है।
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