हरदोई। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के बैनर तले एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को जिलाधिकारी से मुलाकात की। इस दौरान लेखपालों के साथ पिछले कुछ दिनों में हुई मारपीट और अभद्रता की घटनाओं में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद कोई कार्रवाई न होने का मामला छाया रहा। प्रतिनिधि मंडल ने कार्रवाई न होने पर तीस जुलाई को काली पट्टी बांधकर कार्य करने और गुरूवार से कार्य बहिष्कार करने की घोषणा की है। प्रतिनिधि मंडल में शामिल लोगों ने डीएम से यह भी कहा कि ऐसी ही घटनाएं होती रहीं तो काम करना मुश्किल हो जाएगा। लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष ऐश्वर्य प्रकाश मिश्रा के नेतृत्व में डीएम मंगला प्रसाद सिंह से मिले प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि जिस तरह की घटनाएं हो रही हैं। उनमें कार्य करना मुश्किल हो गया है। शाहाबाद तहसील में लेखपाल कार्य बहिष्कार पर हैं। संडीला की घटना में भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब एक अगस्त को कार्य बहिष्कार करना मजबूरी हो गया है। डीएम से मुलाकात के दौरान अनिल कुमार शुक्ला, राहुल सिंह, संदीप शुक्ला, आशीष वाजपेयी आदि मौजूद रहे।
बीती पांच जुलाई को संडीला तहसील क्षेत्र के आट गांठ में मेड़बंदी करने गए राजस्व निरीक्षक राघवेंद्र मिश्रा और लेखपाल गिरिजाशंकर यादव की पिटाई हो गई। एफआईआर दर्ज हुई है। लेखपालों का दावा है कि आरोपी गिरफ्तार नहीं हुए हैं।
15 जून को बघौली में खनन रोकने को लेकर थोक माधौ के लेखपाल शैलेंद्र कुमार को जान से मारने की धमकी फोन पर दी गई। रिपोर्ट भी दर्ज हो गई। आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई।
29 जून को डही के लेखपाल गजेंद्र सिंह अतिक्रमण हटाने गए थे। अतिक्रमण करने वालों ने मारपीट की। बेनीगंज कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज हुई, लेकिन आरोपी गिरफ्तार नहीं हुए।
शाहाबाद तहसील क्षेत्र के मैकपुर के लेखपाल आकिल हनीफ 28 जुलाई को गड्ढे में डूबकर अधेड़ की मौत होने के मामले में मौके पर गए थे। उन्हें खींचकर गड्ढे में डुबोने की कोशिश हुई। रिपोर्ट दर्ज हो गई, लेकिन गिरफ्तारी नहीं हुई।