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Hardoi News: एक साथ की बी-फार्मा की पढ़ाई और पंचायत सहायक की नौकरी

Wed, 03 Apr 2024 11:51 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
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हरदोई। एक पंचायत सहायक ने नौकरी और बी-फार्मा की पढ़ाई एक साथ कर मानदेय और वजीफे का दोहरा शासकीय लाभ लिया। शिकायत पर मामले की जांच हुई तो पता चला कि पंचायत सचिव कुकरा प्रधान के चचेरे देवर हैं।
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इतना ही नहीं उन्होंने जिस कॉलेज से बी-फार्मा किया वह परिवार का है और प्रदेश में 300 करोड़ से अधिक के वजीफा घोटाला में भी शामिल है। मामले में डीएम ने रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ-साथ धनराशि की वसूली की बात कही है। महिला प्रधान और पंचायत सचिव को भी दोषी माना है।
गांवों में पंचायत सचिवालय के कामों के लिए पंचायत सहायक की भर्ती होती है। विकास खंड भरावन की ग्राम पंचायत कुकरा में पंचायत सहायक के पद पर राजेंद्र कुमार पुत्र रामपाल का चयन हुआ। बताया गया कि राजेंद्र कुमार कुकरा प्रधान सरोजनी देवी के सगे चचेरे देवर हैं।
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उन्होंने प्रधान के पति रामगोपाल की ही संस्था डॉ. भीमराव आंबेडकर फाउंडेशन की ओर से संचालित जीविका कॉलेज ऑफ फार्मेसी से पंचायत सहायक रहते हुए बी-फार्मा में संस्थागत पढ़ाई भी की। जीविका कॉलेज ऑफ फार्मेसी में पढ़ाई के दौरान अनुसूचित जाति श्रेणी में दशमोत्तर वजीफा व शुल्क प्रतिपूर्ति के तौर पर वर्ष 2022 में राजेंद्र कुमार के खाते में 69,800 रुपये बतौर वजीफा जारी हुए।
19 सितंबर 2023 में पंचायत सहायक के पद चयन में गड़बड़ी, पढ़ाई और नौकरी एक साथ करने के इस मामले को लेकर मदारपुर निवासी मोलहे ने राजेंद्र कुमार की शिकायत डीएम से की थी। शिकायत पर डीआईओएस और जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी की समितियों ने जांच की। जांच में पंचायत सहायक पद के मानदेय के रूप में चार बार में 84,000 रुपये का भुगतान की भी पुष्टि हुई।
समिति ने मार्च 2024 में अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है। अब इस मामले में कार्रवाई तय है।

प्रकरण गंभीर है। दो-दो स्थानों पर हाजिरी और दोहरा शासकीय लाभ लिए जाने का मामला संज्ञान में है। पंचायतीराज अधिनियम में प्रधान सरोजनी देवी और पंचायत सचिव जागेश्वर प्रसाद भी दोषी हैं। शासकीय राशि की वसूली कराते हुए पंचायत सहायक के विरुद्ध एफआइआर भी कराई जाएगी।
मंगला प्रसाद सिंह, जिलाधिकारी

वजीफा घोटाला में भी शामिल रहा कॉलेज
प्रदेश में 300 करोड़ से अधिक के वजीफा घोटाला में भी जीविका कॉलेज ऑफ फार्मेसी शामिल रहा है। प्रवर्तन निदेशालय ने जांच के बाद कॉलेज की संपत्ति को अटैच कर लिया है। घोटाले की जांच के साथ ही एक-एक कर प्रकरण सामने आने लगे।
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