संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। माध्यमिक विद्यालयों के जिम्मेदारों की लापरवाही विद्यार्थियों पर भारी पड़ रही है। माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत जूनियर कक्षाओं के विद्यार्थियों का ब्योरा विद्यालय स्तर से अपडेट नहीं किया जा रहा है। इसके कारण माध्यमिक विद्यालयों की जूनियर कक्षाओं में अध्ययनरत 30 हजार विद्यार्थियों को यूनीफार्म, बैग, जूते आदि के लिए बजट नहीं मिल पा रहा है। यह हाल तब है जबकि चालू शिक्षा सत्र के छह माह बीत चुके हैं।
शासन की ओर से परिषदीय विद्यालयों के अलावा राजकीय व एडेड माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा छह से आठ तक पंजीकृत विद्यार्थियों को ड्रेस, स्कूल बैग, स्वेटर आदि का पैसा अभिभावकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजा जाता है। इसके लिए सभी विद्यालयों को पत्र लिखकर विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों को आधार से अपडेट कराने के निर्देश दिए गए थे।
जिले में 72 एडेड और दस राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत 30 हजार विद्यार्थियों को योजना का लाभ दिया जाना था। मगर अभी तक विद्यालयों की ओर से आधार सत्यापन कर डाटा उपलब्ध नहीं कराया गया है। इससे विद्यालय में पढ़ने वाले 30 हजार विद्यार्थियों को छह माह गुजरने के बाद भी योजना का लाभ नहीं मिल सका है, जबकि इस संबंध में कई बार डीआईओएस के माध्यम से प्रधानाचार्यों को पत्र जारी किया जा चुका है।
जिला समन्वयक राहुल दुबे ने बताया कि सभी से डाटा सत्यापन के लिए कहा गया है, मगर अभी तक डाटा को आधार के अनुसार सत्यापित नहीं किया गया है। जिस कारण धनराशि भेजने में समस्या आ रहा है।
इंसेट
80 हजार बेसिक के भी वंचित
डीबीटी के माध्यम से परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत दो लाख 96 हजार विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में धनराशि स्थानांतरित की जा चुकी है। इसके अलावा 60 हजार विद्यार्थियों के खातों में धनराशि भेजी जा रही है। इसके बावजूद अभी 80 हजार विद्यार्थी शेष है, जिनका आधार सत्यापन नहीं हो सका है। इससे वह लाभ से वंचित रह गए हैं।