पिहानी। लखनऊ-दिल्ली नेशनल हाइवे पर सरैयां फ्लाईओवर के पास हुई सड़क दुर्घटना में दो मौतों से सरैयां से लेकर औरंगाबाद कस्बे तक चीख-पुकार मची रही।
अजबापुर चीनी मिल में गन्ना डालने के बाद घर वापस लौट रहे चचेरे भाइयों की मौत की खबर जब उनके घरों पर पहुंची तो पूरे कस्बे में मातम छा गया। घरों पर परिजनों को सांत्वना देने वालों का हुजूम लग गया। परिजनों की चीख पुकार से पूरे कस्बे में मातम पसरा हुआ है। हर तरफ चीख पुकार के बीच कहर ढाती बारिश माहौल को और ज्यादा खौफनाक बना रही थी।
मृतक उवैस तीन भाई-बहन हैं, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है। दूसरा मृतक फैजी खां भी तीन भाई और एक बहन हैं। फैजी मौत की खबर पर सभी का रो-रोकर बुरा हाल है।
हादसों के बावजूद नहीं बंद हुए अवैध कट
लगातार हादसों के बावजूद दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर जगह-जगह बनाए गए अवैध कट बंद नहीं किए जा रहे। इससे वाहनों की आवाजाही के बीच अचानक कोई वाहन सामने आ जाने पर दुर्घटनाएं होती हैं।
रोड का सरैयां फ्लाईओवर से हन्न पसिगवां फ्लाईओवर तक का हिस्सा दुर्घटना का केंद्र बना हुआ है। पिछले कई वर्षों में यहां एक पुलिस कर्मी, बाइक सवार दंपती और उनके दो बच्चे और कई राहगीर हादसों के शिकार होकर अपनी जान गंवा चुके हैं। इस स्थान पर कोई संकेतक आदि भी नहीं लगाया गया है।