तीन दवाओं के नमूने जांच में फेल, बिक्री पर रोक, नोटिस जारी
- जीवन से खिलवाड़ : तीनों फर्मों से मांगा गया खरीद-फरोख्त और स्टॉक का ब्योरा
- मेडिकल स्टोर संचालकों और निर्माता फर्मों को नोटिस जारी, बिक्री पर रोक
अनूप श्रीवास्तव
हरदोई। दवाओं को वैसे तो जीवन रक्षक माना जाता है लेकिन जिले में तीन दवाओं के सैंपल जांच में फेल हो गए है। दवाओं के अधोमानक होने की पुष्टि पर इनकी बिक्री प्रतिबंधित कर दी गई है। इसके साथ ही मेडिकल स्टोर संचालकों से खरीद-फरोख्त और स्टॉक का ब्योरा तलब किया गया है।
मेडिकल स्टोरों के चल रहे निरीक्षण अभियान में ड्रग विभाग दवाओं के सैंपल ले रहा है। सैंपल की जांच रिपोर्ट के अनुसार कार्रवाई की जा रही है। बताया गया कि एंटीबायोटिक श्रेणी में आने वाली हापुड़ी सिद्धि बायोटेक की नॉरफ्लोक्सासिन आईपी-400 मिलीग्राम टेबलेट बैच संख्या-एसआई 7120 का सैंपल जांच में फेल पाया गया। प्रयोगशाला से रिपोर्ट आने के बाद इसकी बिक्री पर रोक लगा दी गई है। यह सैंपल शहर के लखनऊ चुंगी की सियाराम कालोनी के चंदेल फार्मा से लिया गया था। चंदेल फार्मा के संचालक को नोटिस दी गई है कि औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम की धारा-1940 के तहत नॉरफ्लोक्सासिन आईपी 400 एमजी की बिक्री पर रोक लगाई गई है। दवा की खरीद, किन-किन मेडिकल स्टोर को आपूर्ति और मात्रा का ब्योरा मांगा गया है। कहा गया है कि संबंधित मेडिकल स्टोर से दवा की वापसी ली जाए। ऐसे ही उत्तराखंड के एर्गोन रेमेडीज कंपनी का पशुओं के उपचार का इंजेक्शन एनरोफ्लोक्सासिन 10 प्रतिशत बैच संख्या- ईएई 209 भी जांच में फेल हो गया। इसका सैंपल भरावन में भरावन मेडिकल स्टोर से लिया गया था। ऐसे ही पीड़ित की सर्जरी के समय से चिकित्सक की सलाह पर दिए जाने वाले सोडियम फॉस्फेट एनीमा बैच संख्या-ईई 31 भी फेल हुआ है। यह केपीएस फार्मास्युटिकल कानपुर की कंपनी की ओर से निर्मित किया जा रहा है। इसका सैंपल गौसगंज स्थित वसी मेडिकल स्टोर से लिया गया था। (संवाद)
वर्जन
तीन मेडिकल स्टोर संचालकों और निर्माता फर्म को एक्ट के तहत नोटिस जारी की गई है। दवाओं की बिक्री प्रतिबंधित कर दी गई है। शेष स्टॉक को भी विक्रेता फर्म वापस लेकर डेड स्टॉक में संरक्षित करेंगी। दवाओं के सैंपल लिए जाने का अभियान जारी रहेगा। अधोमानक दवाओं की बिक्री पाए जाने पर एक्ट के अनुसार कार्रवाई की जा रही है। - स्वागतिका घोष, ड्रग इंस्पेक्टर हरदोई