संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। पात्रता की श्रेणी में न आने वाले छह परिवारों को आवास योजना से लाभांवित कराए जाने की ग्राम पंचायत अधिकारी को सजा मिली है। ग्राम पंचायत अधिकारी के वेतन से 7.20 लाख की वसूली के आदेश जारी किए गए हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी ने 10 हजार रुपये की समान किस्तों में वसूली के आदेश दिए हैं।
जरूरतमंद परिवारों को दिए जाने वाले प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में विकास खंड कोथावां के झरोइया में छह अपात्रों को आवास दिलाए की जांच में ग्राम पंचायत अधिकारी को दोषी पाया गया था। वर्ष 2015-16 से 2019-20 तक कराए गए विकास, निर्माण और प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में आवंटित आवासों की जांच कराई गई थी।
नोडल अधिकारी जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक गजेंद्र कुमार तिवारी ने आवास आवंटन के समय तैनात रहे ग्राम पंचायत अधिकारी सत्येंद्रवीर सिंह से 7.20 लाख रुपये की वसूली की संस्तुति की थी। कहा था कि सुमन देवी पत्नी राजेश कुमार, बृजकिशोर तिवारी पत्नी विश्वनाथ तिवारी, सीमा पत्नी जीतेंद्र, विनीता पत्नी आलोक, सुषमा पुत्री सुरेश व मुनेंद्र सिंह पत्नी सुभकरण को अपात्र होने के बाद भी योजना का लाभ दिलाया गया है।
झरोइया में विकास, निर्माण व योजना की जांच तत्कालीन डीडीओ एपी सिंह ने की थी। अमर उजाला ने अपात्रों को दिए आवास, 7.20 लाख रुपये की पंचायत सचिव से होगी वसूली शीर्षक से दो अगस्त के अंक में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। खबर का संज्ञान लेते हुए डीपीआरओ विनय कुमार ने झरोइया के तत्कालीन व वर्तमान में विकास खंड संडीला में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी सत्येंद्रवीर सिंह के वेतन से वसूली के आदेश जारी किए हैं।