फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरदोई : जर्जर सड़कें बारिश से और बेहाल, हजारों लोगों की डगर मुश्किल

विज्ञापन
विज्ञापन
हरदोई। 30 जून तक सड़कों को गड्ढामुक्त करने का शासनादेश जिले में मियाद के एक माह बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। हाल ये है कि जुलाई खत्म होने को है और कई प्रमुख मार्ग और सड़कें बदहाल हैं। बारिश के बाद सड़कों की सूरत और बिगड़ गई है। जलभराव के बीच गड्ढों में फंसकर लोग घायल हो रहे हैं। लोगों ने इन मार्गों की मरम्मत की मांग की है।
विज्ञापन

पांच मिनट का सफर तीस मिनट में पूरा होता
बेहंदर। ब्लॉक क्षेत्र के उसरहा से झब्बुखेड़ा गांव जाने वाला 1.5 किलोमीटर लंबा मार्ग जर्जर है। इसके कारण राहगीरों का चलना मुश्किल है। राहगीरों ने बताया कि पांच मिनट के सफर में आधे घंटे लगते हैं। यहां से 10 गांवों के करीब पांच हजार लोग आवागमन करते हैं।
दो साल भी न चली कुइयां रोड
बेहटागोकुल। हरदोई-पिहानी रोड कुइयां गांव के पास से गुजरती है। 17 किलोमीटर लंबी सड़क तीन वर्ष से टूटी पड़ी है। इस रोड से 50 गांवों की आबादी रोज गुजरती है। ग्रामीणों ने बताया कि करीब दो साल पहले पांच किलोमीटर रोड की मरम्मत हुई थी, ये फिर टूट गई है।
विज्ञापन

निर्माण के बाद भूला विभाग, सालों से उखड़े पड़े मार्ग
पचदेवरा/बावन/ मल्लावां। भरखनी ब्लॉक में दो किलोमीटर लंबा लखनौर-रसूलापुर मार्ग 20 वर्ष पहले लोक निर्माण विभाग ने बनवाया था। इसके बाद से इसकी मरम्मत नहीं हुई। इस सड़क से प्रतिदिन लगभग दो हजार लोग गुजरते हैं। वहीं बावन कस्बे में बस स्टॉप से ब्लॉक मुख्यालय जाने वाला मुख्य मार्ग जर्जर है। दो हजार राहगीर यहां से गुजरते हैं।
करीब 20 वर्ष पहले पीडब्ल्यूडी ने इसका निर्माण कराया था। सात वर्ष पहले इसकी मरम्मत कराई थी। इसके बाद से इस सड़क की तरफ ध्यान नहीं दिया गया। मल्लावां में क्षेत्र की परमी गंजजलालाबाद सड़क की दूरी करीब दो किमी है। 10 साल से इसकी मरम्मत नहीं कराई गई है। इससे सड़क पर गड्ढे हैं व बजरी उखड़ी पड़ी है। आएदिन बाइक सवार हादसे का शिकार हो रहे हैं।
जर्जर मार्ग पर कांवड़ियों का सफर करना दूभर
बघौल/शाहाबाद। प्रताप नगर से बघौली तक का 18 किलोमीटर मार्ग जर्जर है। इस मार्ग से बड़ी संख्या में कांवड़िये बिलग्राम के राजघाट पर गंगाजल भरने जाते हैं। रोड जर्जर होने से उन्हें परेशानी हो रही है।
ये सड़क सीतापुर, गोला गोकर्ननाथ, लखीपुर खीरी, कानपुर, उन्नाव, मैनपुरी और इटावा को जोड़ती है। वहीं शाहाबाद में घंटाघर के सामने नगरपालिका की सड़क गड्ढे में तब्दील हो गई है। बारिश में रोड तालाब बन जाती है। यही हालत घास मंडी तिराहे से बस स्टैंड तथा गुलाब बैंड चौराहे से ब्लॉक तिराहे तक जाने वाली सड़क की है। वर्षों से इन सड़कों की मरम्मत नहीं हुई है।
दो किमी जर्जर रोड, 10 गांवों के लिए मुसीबत
संडीला। कस्बे की चक्कर रोड अतरौली रोड से स्टेशन रोड होकर मुख्य मार्ग क्रॉसिंग के पास निकलती है। इसकी दूरी लगभग दो किलोमीटर है। इस रोड से रोजाना 10 गांवों के लोग आते-जाते हैं। मार्ग पूरी तरह से जर्जर हो गया है। जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हैं। रोड का कुछ हिस्सा मंडी समिति व कुछ नगर पालिका के अंतर्गत आता है।
10 दिन पहले ही चार्ज संभाला है। कई सड़कों की हालत काफी खराब होने की बात संज्ञान में आई है। इनकी मरम्मत व नवीनीकरण के लिए क्या प्रक्रिया चल रही है, विभागीय अफसरों से ब्योरा मांगा है। जल्द पैचवर्क और निर्माण कार्य शुरू कराएंगे। - सरस कुमार मिश्र, एक्सईएन, लोनिवि, प्रांतीय खंड
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें